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काले धन को खपाने के लिए रेलवे टिकट की बिक्री बढ़ी है,विजिलेंस विभाग ने किया आगाह

फ़हद सईद

नई दिल्ली: काले धन को रोकने के लिए सरकार के 500, 1000 के नोट की रोक के इस कदम के बाद क्या देश में वाकई काले धन की खपत रुक जायेगी। ब्लेक मनी के कारोबारी इसे व्हाइट करने का कोई और जुगाड़ तलाश लेंगे। ये सवाल सरकार के साथ देश के आम जनता के ज़हन में भी है। विजिलेंस विभाग की चेतावनी से अगर अंदाजा लगाये तो तो देश ने काले धन को सफेद करने आसान रास्ता निकाल लिया है। विजिलेंस विभाग को शक है कि इस तरीके से कालाधन को सफेद करने की कोशिश की जा रही है।

विजिलेंस विभान ने खासतौर पर राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों के टिकट बुकिंग पर नज़र रखने के लिए कहा है। दो से तीन महीने के एक साथ कई एडवांस ट्रेन टिकट बुकिंग कराने वालों पर विजिलेंस विभाग नजर भी रख रहा है। विजिलेंस विभाग को शक है कि 500 और 1000 के पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने के लिए कुछ लोग वेटिंग टिकट बुक कर रहे हैं। ऐसा करने के पीछे उनका मकसद ये है उन्हें बैंको के सामने डिक्लेरेशन नहीं करना पड़ेगा। और वो आयकर विभाग के नजर में भी नहीं आयेंगे।

8 नवंबर को  देश में काले धन का इजाफे का हवाले देते हुए  500 रूपये और 1000 रूपये के नोटों रोक लगा दी गई थी। इसके तुरंत बाद ही रेलवे की टिकटों की बुकिंग में 8 तारीख के मुकाबले 9 तारीख को तरीबन 25 फीसदी का इजाफा हुआ। विजिलेंस विभाग को शक है कि 500 और 1000 के पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने के लिए कुछ लोग वेट लिस्ट टिकट बुक कर रहे है।.

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ये तेजी किन-किन जगहों पर अप्रत्याशित है इस पर उनकी पैनी नजर है। दरअसल अधिकारी तब चौकन्ने हुए जब बुधवार सुबह बैंगलोर की एक टिकट बुंकिग काउंटर से सूचना आई कि 3 लाख की जगह 12 लाख की टिकट बुकिंग हुई। उसके बाद से ही रेलवे ने इस तरह के ट्रांजेक्शन पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है।

रेलवे बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक रेल बोर्ड में एडिशनल मेम्बर कमर्शियल के अंदर एक मॉनिटेरिंग कमेटी का गठन भी किया है ताकि ऐसे ट्रांजेक्शन पर नज़र रखी जा सके. इसके लिए बाकायदा एडिशनल मेम्बर कमर्शियल के अधीन एक मॉनिटरिंग सेल तैयार किया गया है।

रेलवे बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक रेल बोर्ड में एडिशनल मेम्बर कमर्शियल के अंदर एक मॉनिटेरिंग कमेटी का गठन भी किया है ताकि ऐसे ट्रांजेक्शन पर नज़र रखी जा सके. इसके लिए बाकायदा एडिशनल मेम्बर कमर्शियल के अधीन एक मॉनिटरिंग सेल तैयार किया गया है। साथ ही फर्स्ट और सेकंड क्लास के AC टिकट पर रोक भी लगायी है। साथ ही 45 हजार से ज्यादा रकम से टिकट काउंटर से भी टिकट लेने पाबंदी लगा दी गई है।

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