Wednesday , December 13 2017

काले धन मसले पर हिन्दुस्तान के मौक़िफ़ को जी 20 की ताईद

टैक्स मालूमात की फ़राहमी को शफ़्फ़ाफ़ बनाने की ज़रूरत हिंद-अमरीका मुआहिदे का ख़ैरमक़्दम आलमी तिजारती तंज़ीम मुज़ाकरात केलिए मुआविन

टैक्स मालूमात की फ़राहमी को शफ़्फ़ाफ़ बनाने की ज़रूरत हिंद-अमरीका मुआहिदे का ख़ैरमक़्दम आलमी तिजारती तंज़ीम मुज़ाकरात केलिए मुआविन

हिन्दुस्तान केलिए एक बहुत बड़ी कामयाबी में जी 20 चोटी कान्फ्रेंस ने काले धन का पता चलाने इस के मौक़िफ़ की पुरज़ोर हिमायत की है। कान्फ्रेंस का कहना है कि टैक्स मालूमात की शफ़्फ़ाफ़ियत और इन्किशाफ़ केलिए ज़रूरी है कि हम हिन्दुस्तान की मदद करेंगे। कान्फ्रेंस ने वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी की इस ख़ाहिशका भी हवाला दिया जिस में उन्होंने काले धन के मसले से निमटने केलिए ख़ुद मालूमात के तबादलों केलिए एक नया आलमी मियार वज़ा करने पर ज़ोर दिया था।

अख़बारीनुमाइंदों से बातचीत करते हुए वज़ीर रेलवे सुरेश प्रभु और विज़ारत-ए‍-ख़ारिजा के तर्जुमानसय्यद अकबरुद्दीन ने कहा कि शफ़्फ़ाफ़ियत का हवाला ख़ासकर दिया गया है क्योंकि कान्फ्रेंस के मुसव्वदा अलामिया में उसको शामिल नहीं किया गया था। काले ध‌न के मसले पर वज़ीर-ए-आज़म मोदी की मदाख़िलत के बाद कई मुल्कों ने ख़ासकर ब्राज़ील और जुनूबी अफ़्रीक़ा ने कहा कि क़तई अलामिया में लफ़्ज़ शफ़्फ़ाफ़ियत को भी शामिल किया जाना चाहिए।

टैक्स की चोरी करने वालों का पता चलाने में तमाम मुल्कों को एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। अलामिया में कहा गया है कि जी 20 मुल्कों की जानिब से एसी कार्यवाहीयां की जाएंगी जिन की मदद से बैन-उल-अक़वामी टैक्स सिस्टम को शफ़्फ़ाफ़ बनाया जाएगा और इन मुल्कों को बचा लिया जाएगा।

मालियाती बुनियादों पर या नफ़ा की बुनियाद पर टैक्स का हुसूल ज़रूरी है। जी 20ने एसे अलामीह के ज़रिये एक मज़बूतपयाम देने की कोशिश की है कि टैक्स दहिंदगान को ख़ुसूसी रोलिंग दी जाये। वज़ीर रेलवे सुरेश प्रभु ने मज़ीद कहा कि हिन्दुस्तान की तशवीश रोमगार के बगै़र तरक़्क़ी से ताल्लुक़ है क्योंकि जो भी तरक़्क़ी-ओ-ख़ुशहाली लाने की कोशिश की जा रही है इस से रोज़गार पैदा ना हो तो कोई फ़ायदा नहीं सारी दुनिया की बड़ी मईशतों को रोज़गार के मसले से निमटने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा रोज़गार पैदा करने के मौक़े तलाश करने होंगे।

हमारी कोशिश सरमायाकारी में इज़ाफे की जानिब होनी चाहिए तिजारत और मुसा बक़्त को मियारी रोज़गारफ़राहम करने की बुनियाद पर शुरू किया जाये। चोटी कान्फ्रेंस के आग़ाज़ से क़ब्ल वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने एहसास ज़ाहिर किया था कि अवाम के मियार-ए-ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए ना सिर्फ़ रोज़गार पैदा किए जाएं बल्कि मालियाती मार्किटों की सेहत का भी ख़्याल रखा जाये।

रोज़गार पैदा करने वाले मआशी इक़दामात करना लाज़मी है। आज की स कान्फ्रेंस में सुरेश प्रभु ने कहा कि तरक़्क़ीयाती मसाइल जैसे रोज़गार के मौक़े पैदा करने पर तवज्जे दी गई है। जी 20 पर ज़ोर दिया गया है कि वो हकूमत-ए-हिन्द की तशवीश को दूर करने के इक़्दामात करें।

इस दौरान जी 20ने ग़िज़ा के ज़ख़िरे मसले पर हिन्दुस्तान और अमरीका के दरमियान पेशरफ़त का ख़ैरमक़दम किया है। जी 20मुल्कों के क़ाइदीन ने आज तवक़्क़ो ज़ाहिर की कि हिंद अमरीकी ताल्लुक़ात में पेशरफ़त से आलमी तिजारती तंज़ीम को मुज़ाकरात का मौक़ा मिलेगा और तिजारती मुआहिदे की अमल आवरी की सहूलत होगी। तरक़्क़ी और रोज़गार केलिए ये ज़रूरी है इस लिए हम अमरीका और हिन्दुस्तान के दरमियान ताल्लुक़ात में होने वाली पेशरफ़त का ख़ैरमक़दम करते हैं।

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