Sunday , September 23 2018

किंग कोठी को दुबारा आबाद करने चीफ़ मिनिस्टर की कोशिश

अरसा-ए-दराज़ से गैराबाद नज़री बाग़ किंग कोठी बहुत जल्द एक मर्तबा फिर आबाद होजाएगी। चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ दूर सलतनत आसफ़िया की इस अहम तरीन इमारत को दुबारा आबाद करने के मुताल्लिक़ संजीदा कोशिशें शुरू करचुके हैं।

अरसा-ए-दराज़ से गैराबाद नज़री बाग़ किंग कोठी बहुत जल्द एक मर्तबा फिर आबाद होजाएगी। चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ दूर सलतनत आसफ़िया की इस अहम तरीन इमारत को दुबारा आबाद करने के मुताल्लिक़ संजीदा कोशिशें शुरू करचुके हैं।

इबतिदाई इत्तेलाआत के मुताबिक़ कल चीफ़ मिनिस्टर ने किंग कोठी का मुआइना करने के बाद ओहदेदारों से इस इमारत के इस्तेमाल के सिलसिले में तबादला-ए-ख़्याल किया।

बताया जाता हैके चीफ़ मिनिस्टर कैंप ऑफ़िस के लिए भी इस इमारत के मुताल्लिक़ ग़ौर किया जा रहा है। के चन्द्र शेखर राव‌ आसिफ़ जाहि हुकमरानों की मिल्कियत वाली इस इमारत को दुसरे अग़राज़-ओ-मक़ासिद के लिए इस्तेमाल करने से मुताल्लिक़ ग़ौर कररहे हैं।

चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ ने मौजूदा चीफ़ मिनिस्टर कैंप ऑफ़िस के अलावा कुन्दन बाग़ में निशानदेही करदा दो इमारतों को मुस्तर्द कर दिया था और अब चीफ़ मिनिस्टर कैंप ऑफ़िस के लिए एक और इमारत की तज़ईन नौ क़रीब-उल-ख़तम है।

एसी सूरत में चीफ़ मिनिस्टर की तरफ से किंग कोठी का मुआइना किए जाने के साथ ही मुख़्तलिफ़ इत्तेलाआत गशत करने लगी हैं। बाज़ ओहदेदारों का ख़्याल हैके चीफ़ मिनिस्टर फ़ौरी तौर पर तेलंगाना हाइकोर्ट को अलाहिदा करते हुए इस अज़ीमुश्शान कोठी में मुंतक़िल करने के ख़ाहां हैं।

तेलंगाना हाइकोर्ट के क़ियाम के सिलसिले में अपने दौरा-ए-दिल्ली के दौरान मर्कज़ और चीफ़ जस्टिस आफ़ इंडिया से ख़ाहिश भी की है कि लेकिन नज़री बाग़ किंग कोठी में तेलंगाना हाइकोर्ट के क़ियाम की क़ियास आराईयों को इस लिए मुस्तर्द किया जा रहा है कि तेलंगाना हाइकोर्ट के आरिज़ी क़ियाम के लिए हुकूमत को इस इमारत का हुसूल ज़रूरी नहीं है चूँकि मौजूदा हाइकोर्ट की इमारत से आंध्र प्रदेश हाइकोर्ट को मुंतक़िल होना है जबकि तेलंगाना हाइकोर्ट मौजूदा इमारत में बरक़रार रह सकता है।

ओहदेदारों का मानना हैके तेलंगाना हाइकोर्ट के आरिज़ी क़ियाम के लिए इस इमारत का इंतिख़ाब दरुस्त नहीं है। इसी तरह चीफ़ मिनिस्टर कैंप ऑफ़िस क़ायम करने के लिए भी किंग कोठी को दरुस्त तसव्वुर नहीं किया जा रहा है चूँकि आसिफ़ जाहि सलातीन का ज़वाल इसी कोठी में क़ियाम के दौरान हुआ था और चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्र शेखर राव‌ वास्तव और शगून जैसी चीज़ों पर काफ़ी यक़ीन रखते हैं।

महिकमा इमारात-ओ-शवारा के अलावा महिकमा इत्तेलाआत के ओहदेदारों का मानना हैके हुकूमत तेलंगाना के तमाम मह्कमाजात के दफ़ातिर को यकजा करने के मंसूबा पर अमल आवरी के लिए नज़री बाग़ किंग कोठी का इंतिख़ाब करसकती है। इसी लिए शायद चीफ़ मिनिस्टर तेलंगाना के सी आर ने इस इमारत का मुआइना किया है।

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