Tuesday , December 12 2017

किरण कुमार रेड्डी पर हाई कमान के फ़ैसला की ख़िलाफ़वर्ज़ी का इल्ज़ाम

साबिक़ रियास्ती वज़ीर मुहम्मद अली शब्बीर ने किरण कुमार रेड्डी को बंद लिफ़ाफ़ा का चीफ़ मिनिस्टर क़रार देते हुए पार्टी फ़ैसलों की ख़िलाफ़वर्ज़ी और सीमा-आंध्र के चीफ़ मिनिस्टर की हैसियत से काम करने का इल्ज़ाम आइद किया।

साबिक़ रियास्ती वज़ीर मुहम्मद अली शब्बीर ने किरण कुमार रेड्डी को बंद लिफ़ाफ़ा का चीफ़ मिनिस्टर क़रार देते हुए पार्टी फ़ैसलों की ख़िलाफ़वर्ज़ी और सीमा-आंध्र के चीफ़ मिनिस्टर की हैसियत से काम करने का इल्ज़ाम आइद किया।

उन्हों ने कहा कि चीफ़ मिनिस्टर ने इलाक़ा तेलंगाना के अज़ला का दौरा करते हुए कांग्रेस हाई कमान की जानिब से तेलंगाना मसअले को हल करने के लिए संजीदगी से जायज़ा लेने का वादा किया था और इस के साथ ये भी कहा था कि पार्टी सदर सोनीया गांधी का हर फ़ैसला वो क़बूल करेंगे। उन्हों ने कहा कि 9 दिसंबर 2009 को अलैहदा रियासत की तशकील का फ़ैसला हो गया था,

ताहम सीमा-आंध्र क़ाइदीन के एतराज़ के बाद गुज़िश्ता चार साल से रियासत के तीनों इलाक़ों के क़ाइदीन से मुशावरत की गई, कुल जमाती इजलास तलब किया गया और श्री कृष्णा कमेटी तशकील दी गई, इस के बाद ही वाअदा के मुताबिक़ कांग्रेस वर्किंग कमेटी के इजलास में अलैहदा रियासत की तशकील का फ़ैसला किया गया।

चीफ़ मिनिस्टर के लिए हाई कमान के फ़ैसला की मुख़ालिफ़त करना और तेलंगाना अवाम के जज़बात को ठेस पहुंचाना मुनासिब नहीं है, लिहाज़ा वो अपने रिमार्क्स से फ़ौरन दस्तबरदार हो जाएं।

उन्हों ने कहा कि बर्क़ी की क़िल्लत के ताल्लुक़ से चीफ़ मिनिस्टर का ख़द्शा बेबुनियाद है। वो माज़ी में वज़ीर बर्क़ी की हैसियत से ख़िदमात अंजाम दे चुके हैं। तेलंगाना में कोयला की कांने हैं, लिहाज़ा चार साल में यहां फ़ाज़िल बर्क़ी पैदावार के तमाम मवाक़े दस्तयाब हैं।

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