Monday , January 22 2018

किशनगंज में फ़िर्क़ा परस्तों की शिकस्त : असरारुल हक़

किशनगंज पार्लियामानी सीट से अपनी जीत के बाद मौलाना असरारुल हक़ कासमी न आवाम का शुक्रिया अदा किया और कहा की किशनगंज के लोगों ने मुसलिक, ब्रादरीवाद, ज़ात-पात की तफ़रीक़ से ऊपर उठते हुये एक बार फिर फ़िर्क़ा परस्ती को शिकस्त देकर सेकुलरिज़्म

किशनगंज पार्लियामानी सीट से अपनी जीत के बाद मौलाना असरारुल हक़ कासमी न आवाम का शुक्रिया अदा किया और कहा की किशनगंज के लोगों ने मुसलिक, ब्रादरीवाद, ज़ात-पात की तफ़रीक़ से ऊपर उठते हुये एक बार फिर फ़िर्क़ा परस्ती को शिकस्त देकर सेकुलरिज़्म का झण्डा बुलंद किया है।

उन्होने कहा की वो इस मौके पर सब से पहले अल्लाह रब्बूल इज्ज़त का शुक्रिया अदा करते हैं, इसके बाद वो उन तमाम बुज़ुर्गाने दीन, ओलमाए किराम, दानिश्वरान मिल्लत और हल्का के बाशउर आवाम के शुक्रिय गुज़ार हैं जिनहोने मेरे इंतिख़ाब जीतने के लिए जद्दो-जहद और दुआएं किए और नेक ख्वाहिशात का इज़हार किया। उन्होने कहा की अगर चे क़ौमी सतह पर नताईज़ काफी चौंका देने वाले आए हैं, मगर उनसे मायूस होने की ज़रूरत नहीं हैं, मुल्क में मजमुई एतबार से बीजेपी की जीत को इस की मकबूलियत न समझा जाए बल्कि बीजेपी ने फ़िर्क़ा परस्ती का जहर और बे शुमार दौलत को पानी की तरह बहा कर शातिराना अंदाज़ में एलेक्शन लड़ा और सेकुलर लीडरों को तक़सीम करने की कोशिश की जिसमें इसे कामयाबी मिली अलबत्ता इस तरह के नताईज़ से मुल्क की गंगा जमनी तहज़ीब और अमन व भाई चारगी की फिजा को नुकसान पहुंचा है।

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