Friday , January 19 2018

सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत किसी के दबाव में नहीं देगी सरकार : मीडिया रिपोर्ट

नई दिल्ली : सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर अब विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। वहीं सरकार का कहना है कि वे किसी के दबाव में आकर सर्जिकल स्ट्राइक की फुटेज जारी नहीं करेंगे। गौरतलब है कि उरी हमले के बाद भारत की ओर से पीओके में आतंकियों के लॉन्च पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था। इस सर्जिकल स्ट्राइक पर कैमरों से नजर रखी गई थी और इसकी पूरी रिकॉर्डिंग भी की गई थी। वहीं पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक की बात को नकार रहा है।

अब आप नेता अरविंद केजरीवाल और विपक्षी पार्टियां सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत पेश करने को कह रही हैं। इस पर मोदी सरकार का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक की रिकॉर्डिंग करने का उद्देश्य राजनीतिक नहीं रणनीतिक है। सरकार किसी तरह के राजनीतिक दबाव में फंसना नहीं चाहती। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्जिकल स्ट्राइक की कुल 90 मिनट की वीडियो फुटेज है. जो हमला करने गए कमांडोज के हेलमेट में लगे कैमरे से ली जा रही थीं। सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान कमांडोज के हेलमेट में थर्मल इमेंजिग और नाइटविजन कैमरे लगे थे। सरकार का कहना है कि वीडियो फुटेज जारी करने से ऑपरेशन की जानकारी दुश्मन को मिल जाएगी। कांग्रेस नेतानिरूपम ने सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जी करार दिया है।

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