Sunday , September 23 2018

किसी बूथ पर नहीं होगी बिहार पुलिस की तैनाती

पटना : इस बार सूबे का एसेम्बली इंतिख़ाब काफी मायने में बेहद अलग होगा। सेक्युर्टी के इंतजाम होंगे। इसके लिए तमाम तैयारी तकरीबन अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। इस बार रियासत में किसी भी बूथ पर बिहार पुलिस के जवानों की तैनाती नहीं होगी। रियासत के तमाम 62 हजार 779 बूथों पर मरकज़ी पारा मिलेट्री फोर्स (सीपीएमएफ) के जवान ही तैनात किये जायेंगे।

इंतिख़ाब के दौरान बिहार पुलिस की ड्यूटी पेट्रोलिंग और दीगर क़िस्म के बाहरी कामों में ही लगाया जायेगा। गुजिशता इंतिख़ाब में 80 फीसद बूथों पर ही सीपीएमएफ की तैनाती की गयी थी। इस बार पहली बार इंतिखाब में 100 फीसद बूथों पर सीपीएमएफ की तैनाती की जा रही है।

किन-किन बूथों पर कितने मरकज़ी फोर्स की तैनाती की जायेगी, इस पर पुलिस महकमा आखरी दौर की बातचीत कर रहा है। अलगे सप्ताह तक पूरी पॉलिसी तैयार कर ली जायेगी। अगले सप्ताह रियासत के डीजीपी पी के ठाकुर की मरकज़ी पारा मिलेट्री फोर्स के अहम लोगों से बैठक हो सकती है।

बिहार में इंतिख़ाब की सेक्युर्टी निज़ाम को देखते हुए मरकज़ की तरफ से सीपीएमएफ देने में बीएसएफ, एसएसबी और दीगर आर्मी विंग की कंपनियों की तैनाती की इजाजत मिल गयी है। खासकर बेहद हेसास या नक्सल मुतासीर बूथों पर बीएसएफ, आईटीबीएफ जैसे आर्मी विंगों की तैनाती की जायेगी।

आर्मी विंग की इन कंपनियों की तैनाती के बाद यह इंकनात ज़ाहिर की जा रही है कि इस बार सीआइएसएफ की तैनाती बिहार इंतिख़ाब में नहीं की जाये। हालांकि एलेक्शन कमीशन के लोगों और पुलिस आला कमान के साथ अगले सप्ताह होने वाली खुसुसि बैठक के बाद ही पूरी हालात वाजेह हो पायेगी।

ज़ाब्ता एखलाक कानून की ऐलान होने के फौरन बाद पुलिस महकमे ने सूबे में पुरअमन इंतिख़ाब कराने और हर वक़्त की सरगर्मी पर नजर रखने के लिए पुलिस महकमे में एक खास इंतिखबी सेल की तशकील कर दिया गया है। इसके अलावा रोजाना तमाम जिलों के एसपी के साथ पुलिस महकमा के डीजीपी या एडीजी सतह के अफसर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे।

इसमें तमाम जिलों से रोजाना की रिपोर्ट ली जायेगी। यह रिपोर्ट मुजरिमों के गिरफ्तारी की, तमाम तरह के जुर्म का तफ़सीलात, गैर कानूनी असलाह और शराब समेत दीगर अहम नुक्तों पर ली जायेगी।

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