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किसी भी जमात को मुसलमानों से हमदर्दी नहीं

काग़ज़नगर 14 जुलाई: काग़ज़नगर की नामवर शख़्सियत मुहम्मद रज़ी हैदर सीनीयर एडवोकेट-ओ-रियास्ती जनरल सेक्रेटरी पसमांदा तबक़ात ने नामा निगारों से बातचीत करते हुए कहा कि माहे रमजान आचुका है, एक तरफ़ सारे मुसलमान रमज़ान की रहमतों बरकतों से इस्त

काग़ज़नगर 14 जुलाई: काग़ज़नगर की नामवर शख़्सियत मुहम्मद रज़ी हैदर सीनीयर एडवोकेट-ओ-रियास्ती जनरल सेक्रेटरी पसमांदा तबक़ात ने नामा निगारों से बातचीत करते हुए कहा कि माहे रमजान आचुका है, एक तरफ़ सारे मुसलमान रमज़ान की रहमतों बरकतों से इस्तेफ़ादा करने में मशग़ोरल हैं तो दूसरी तरफ़ सयासी क़ाइदीन रमज़ान की आमद का बहाना करके मुसलमानों का दिल बहलाने और उल्लो बनाने के लिए इफ़तार पार्टीयों का बहाना बनाकर सयासी हथकंडे आज़माने की कोशिश कररहे हैं।

इस लिए मुसलमानों को ख़ुसूसन माह रमज़ान में सयासी क़ाइदीन की निगरानी में मुनाक़िद किए जाने वाली इफ़तार पार्टीयों से गुरेज़ करें, वो इफ़तार पार्टी के बहाने मुसलमानों को बेवक़ूफ़ बनाकर अपना उल्लु सीधा करना चाहते हैं और सिर्फ़ वोट बैंक के लिए मुसलमानों को ख़ुश करना चाहते हैं।

उन्हों ने कहा कि हिन्दुस्तान आज़ाद होकर 68 साल का अर्सा गुज़र चुकी, कांग्रेस पार्टी ने 48 साल, तेलुगोदेशम ने 20 साल हुकूमत की और तेलंगाना राष़्ट्रा समीती इक़तिदार हासिल करने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रही है लेकिन ये बात रोज़ रोशन की तरह अयाँ हैके किसी को भी मुसलमानों से हमदर्दी नहीं, और मुसलमानों की हालत बद से बदतर होती चली जा रही है।

इन सयासी पार्टीयों के क़ाइदीन हर साल माह रमज़ान में मुसलमानों को सबज़ बाग़ दिखाने के लिए इफ़तार पार्टीयों का एहतेमाम करते चले आरहे हैं जिस का निस्बु उल‍एन मुसलमानों की ख़ुशनुदी है।

इन इफ़तार पार्टीयों में सयासी क़ाइदीन सिर्फ़ दस मिनट के लिए टोपियां लगाकर मुसलमानों की आँखों में धूल झोंक रहे हैं। अगर इन सयासी क़ाइदीन को मुसलमानों से हक़ीक़त में हमदर्दी है तो लोकल बॉडी यानी पंचायत इलेक्शन में, बलदिया चुनाव में मुसलमानों को 15 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात देने की तरफ़ भी तवज्जा दें।

क्युंकि आबादी के लिहाज़ से हिन्दुस्तान में मुसलमानों का पापुलेशन 15 फ़ीसद है। जो सयासी पार्टीयां मुसलमानों को 15 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात फ़राहम करके उसी तनासुब से हुकूमत मुक़ामी और क़ानूनसाज़ इदारों में सीट ना दें तो हम उन को मुसलमानों की मुख़ालिफ़ पार्टी समझना चाहीए और चुनाव में एसी सयासी पार्टी का साथ देना चाहीए जिस की कामयाबी यक़ीनी हो, और सयासी मैदान में जिस का पल्ला भारी हो।

मुहम्मद रज़ी हैदर ने कहा कि जस्टिस रंगा नाथ मिश्रा कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक़ मुसलमानों को लोकल बॉडी इदारों में सरपंच से लेकर एम एलए और एम पी की नशिस्तों में 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात दिए जाएं। ये रिपोर्ट मर्कज़ी हुकूमत को दे कर दस साल का अर्सा गुज़र चुका लेकिन आज तक अमल आवरी नहीं हुई।

इस से साफ़ ज़ाहिर हैके मर्कज़ी हुकूमत को मुसलमानों की तरक़्क़ी से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के ताल्लुक़ से भी यही देखने में आया कि इस रिपोर्ट को कचरे की कुंडी में फेंक दिया गया ना तो पार्लीमैंट में और ना ही असेंबली में किसी सयासी क़ाइद ने इस ताल्लुक़ से आवाज़ उठाने की हिम्मत की।

10फ़ीसद तहफ़्फुज़ात का बिल पार्लीमैंट में मंज़ूर करवाएगी तो मुसलमान माह रमज़ान में सयासी क़ाइदीन के लिए रोज़ाना इफ़तार पार्टीयों का एहतेमाम करेंगे वर्ना 2014 के चुनाव में हुकूमत का ही नहीं बल्कि सयासी पार्टीयों का तख़्ता उलट देंगे। इस मौक़केपर मुहम्मद शहबाज़ हैदर, मुहम्मद अबदुलक़यूम के अलावा दुसरे मुस्लिम सयासी क़ाइदीन मौजूद थे।

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