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किसी भी ज़बान(भाषा) को सीखने में कोताही(कमी) ना करना चाहिए

हैदराबाद २७ अक्टूबर (सियासत न्यूज़) किसी भी ज़बान(भाषा) को सीखने केलिए कोताही नहीं करना चाआई। उर्दू हमारी मादरी ज़बान(भाषा) ही। अरबी में मुक़द्दस किताब क़ुरआन ही। हिन्दी मुल़्क की क़ौमी ज़बान है और अंग्रेज़ी बैन-उल-अक़वामी ज़बान

हैदराबाद २७ अक्टूबर (सियासत न्यूज़) किसी भी ज़बान(भाषा) को सीखने केलिए कोताही नहीं करना चाआई। उर्दू हमारी मादरी ज़बान(भाषा) ही। अरबी में मुक़द्दस किताब क़ुरआन ही। हिन्दी मुल़्क की क़ौमी ज़बान है और अंग्रेज़ी बैन-उल-अक़वामी ज़बान इस के इलावा रियासत की इलाक़ाई और सरकारी ज़बान(भाषा) तेलगु ही। तेलगु को सीखने से कई कामों में मिआ विनीत होगी।

इन ख़्यालात का इज़हार जनाब ज़ाहिद अली ख़ान ऐडीटर सियासत ने यहां महबूब हुसैन जिगर हाल में तेलगु की कोचिंग क्लासस के इख़ततामी जलसा से मुख़ातब करते हुए किया और कहा कि जो फ़र्द जितनी ज़्यादा ज़बानें सीखेगा, उस को तरक़्क़ी के इतने मवाक़े मिलेंगी। हिंदूस्तान एक कसीर लिसानी मुल्क है।

यहां लिसानी बुनियादों पर रियासत की तक़सीम-ए-अमल में आई। आंधरा प्रदेश रियासत जो तलगो ज़बान की बुनियाद पर बनाई गई इस के सूबों को कनड़ी ज़बान बोलने वाले इलाक़ा कर्नाटक में चले गए और मरहट्टी बोलने वाले अज़ला को मरहटवाड़ा (महाराष्ट्रा) में शामिल किया गया। जनाब ज़ाहिद अली ख़ान ने सिलसिला तक़रीर जारी रखते हुए कहा कि तेलगु ज़बान को सीखने में नौजवान नसल या तालिब-ए-इल्म ही नहीं बल्कि हर उम्र के अफ़राद को दिलचस्पी लेना चाआई। उन्हों ने कहा कि जिस तरह से एक ग़ैर उर्दू दां फ़र्द अगर उर्दू से वाक़िफ़ ना हो तो वो कोई बात समझने से क़ासिर होगा।

इसी तरह तलगो से अदम वाक़फ़ीयत की वजह ग़ैर तलगो दां बिलख़सूस हैदराबादी और उर्दू दां तबक़ा को कई मुश्किलात पेश आती हैं और आरही हैं इस लिए इदारा सियासत नए तेलगु को सीखने के लिए इन क्लासस का एहतिमाम(बंदोबस्त‌) किया। वो ख़ुद तलगो ज़बान(भाषा) में बातचीत सीखने के ख़ाहां हैं।

इस मौक़ा पर तलगो मास्टर अबदुस्समद ने तलगो को सिखाने के तरीक़ा और सी डी की तैय्यारी पर इज़हार-ए-ख़्याल किया। तलगो ज़बान की एहमीयत मुस्लिमा ही। ये रियासत की सरकारी ज़बान(भाषा) ही। इस को लिखने पढ़ने के साथ बोल चाल के काबिल बनने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। जनाब अहमद बशीर-उद-दीन फ़ारूक़ी रिटायर्ड डिप्टी एजूकेशनल ऑफीसर ने अपनी तक़रीर में तलगो कोइसचन बंक की तैय्यारी के हवाला से कहा कि आइन्दा मीक़ाती तातीलात में भी रहे तलगो कोचिंग क्लासस का एहतिमाम(व्यवस्था) किया जाएगा। इस मौक़ा पर तलबा-ए-ओ- तालिबात ने अपने तास्सुरात पेश कई। एम ए हमीद ने निज़ामत के फ़राइज़ अंजाम दिए और आख़िर में शुक्रिया अदा किया

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