कुंभ मेला में स्नानघाटों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक, इलाहाबाद ने दी कड़ी चेतावनी!

कुंभ मेला में स्नानघाटों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक, इलाहाबाद ने दी कड़ी चेतावनी!

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कुंभ मेला में स्नानघाटों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि प्रिंट या टीवी मीडिया द्वारा आदेश की अवहेलना करने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

न्यायालय ने कहा है कि अधिनियम, नियम एवं न्यायालय के आदेश से घाट से 100 मीटर के क्षेत्र में फोटोग्राफी प्रतिबंधित की गई है। इसके बावजूद अखबारों में स्नान करती महिलाओं के फोटोग्राफ छापे जा रहे हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया भी दिखा रही है।

पंजाब केसरी पर छपी खबर के अनुसार, न्यायालय ने कुंभ मेलाधिकारी को मीडिया को अदालत के आदेश की जानकारी देकर अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई की 5 अप्रैल नियत करते हुए मेलाधिकारी से याचिका पर जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने अधिवक्ता असीम कुमार की याचिका पर यह आदेश दिया गया है।न्यायालय ने एक अखबार में नहाती युवती की फोटो छपी होने पर कहा कि सभी अखबारों में ऐसे फोटोग्राफ छप रहे हैं।

मीडिया विजुवल दिखा रहा है। न्यायालय ने अखबार को अधिवक्ता कार्तिकय शरण से कहा कि वह कोर्ट के आदेश की सूचना मेलाधिकारी को फोन से देकर अनुपालन कराने को कहे। इससे पहले भी उच्च न्यायालय ने स्नानघाट से 100 मीटर एरिया में फोटो खींचने पर रोक लगाई है।

उत्तर प्रदेश मेला प्राधिकरण अधिनियम में भी घाट पर फोटोग्राफी लेने पर प्रतिबंध लगाया गया है। न्यायालय ने मीडिया को स्नानघाटों की फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी करने पर रोक का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। याचिका में स्नानघाटों पर फोटोग्राफी पर रोक के आदेश का कुंभ मेले में पालन कराने की मांग की गई है।

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