कुछ ऐसा रुतबा रखते थे शहीद सुबोध कुमार, कार्य शैली से सभी थे प्रभावित!

कुछ ऐसा रुतबा रखते थे शहीद सुबोध कुमार, कार्य शैली से सभी थे प्रभावित!

बुलंदशहर के स्याना में गोकशी की अफवाह के बाद गुस्‍साई भीड़ के उपद्रव के बीच इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार और स्थानीय युवक सुमित की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई। हत्या किसने की, इस पर जांच जारी है। लेकिन, सुबोध कुमार कौन थे? इसके बारे में आप अभी ही जान सकते हैं।

सुबोध कुमार का जन्म

सुबोध कुमार का जन्म एटा के थानाक्षेत्र जैथरा में हुआ था। 10 जनवरी 1974 को रामप्रताप सिंह के यहां बच्चे की किलकारियां सुनाई दीं, जिसका नाम सुबोध कुमार सिंह रखा गया। सुबोध कुमार के बारे में कहा जाता है कि वो बचपन से ही पुलिस विभाग में भर्ती होना चाहते थे। बचपन बीता और फिर 11 फरवरी 1998 को पुलिस विभाग में उनका चयन हो गया।

मेरठ, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, आगरा और मथुरा में सुबोध कुमार ने अपनी सेवाएं दी हैं। मथुरा से उनका ट्रांसफर बुलंदशहर हुआ और वर्तमान में वो यहीं तैनात थे।

ट्रांसफर के बाद 9 अगस्त 2018 को बुलंदशहर पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराई। लेकिन, उनकी कार्यशैली इतनी प्रभावी थी कि SSP बुलंदशहर ने उन्हें 26 अगस्त 2018 को स्याना कोतवाली का प्रभार सौंप दिया। कोतवाली में करीब तीन माह के कार्यकाल के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गिनती लोकप्रिय पुलिस अधिकारियों में होने लगी थी।

इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार ने 2015 में हुए चर्चित अखलाक हत्‍याकांड की जांच कर रहे थे। सुबोध कुमार सिंह दादरी के अखलाक हत्याकांड में 28 सितम्बर 2015 से 9 नवम्बर 2015 तक जाँच अधिकारी थे, इस मामले में चार्जशीट दूसरे जांच अधिकारी ने मार्च 2016 मे दाखिल की थी। लेकिन, उस चार्जशीट में सुबोध कुमार मामले के जांच अधिकारी रहने की वजह से वो गवाह नंबर-7 थे।

इस पूरी घटना से पुलिस महकमें में गम का माहौल है। और, साथ ही गमगीन है सुबोध कुमार का परिवार। सुबोध अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके दोनों बच्चों नोएडा में पढ़ाई करते हैं।

साभार- ‘इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम’

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