Sunday , December 17 2017

कुपवाड़ा में इमतिनाई अहकामात में तौसीअ

शुमाल कश्मीर सरहदी ज़िला कुपवाड़ा में हुक्काम ने इम्तिनाई अहकामात में मज़ीद (और भी)दो माह की तौसीअ कर दी है। दफ़ा 144 डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कुपवाड़ा के हुक्म इम्तिना (प्रतिबंध) में मज़ीद ( और भी) दो माह तक तौसीअ दी गई है ।

शुमाल कश्मीर सरहदी ज़िला कुपवाड़ा में हुक्काम ने इम्तिनाई अहकामात में मज़ीद (और भी)दो माह की तौसीअ कर दी है। दफ़ा 144 डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कुपवाड़ा के हुक्म इम्तिना (प्रतिबंध) में मज़ीद ( और भी) दो माह तक तौसीअ दी गई है ।

इस हुक्मनामा को एहमीयत का हामिल ( रखने वाला) इस लिए समझा जा रहा है क्योंकि सिक्योरीटी एजेंसीयों को अंदेशा है कि लाईन आफ़ कंट्रोल के क़रीब बर्फ़ पिघलने के बाद अस्करीयत पसंदों के ज़रीया दरअंदाज़ी (चुगलखोरी/ इधर की बात उधर करके लड़ाई लगाना) की कोशिशें की जा सकती हैं जिन की रोक थाम ज़रूरी है ।

याद रहे कि 1990 की दहाई से जम्मू-ओ-कश्मीर में अस्करीयत पसंदी में काबिल लिहाज़ इज़ाफ़ा के बाद लाईन आफ़ कंट्रोल के क़रीब के इलाक़ों में इम्तिनाई अहकामात के इलावा रात का कर्फ्यू भी नाफ़िज़ किया जाता है ।

बर्फ़ पिघलने के दौरान चूँकि सिक्योरीटी की तवज्जा दूसरी कार्यवाईयों की जानिब मबज़ूल ( आकृष्ट) हो जाती है । लिहाज़ा ऐसी सूरत-ए-हाल का अस्करीयत पसंद फ़ायदा उठाते हैं ।

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