कुलभूषण जादव की मुलाकात से संबंध आगे बढ़ सकते थे, लेकिन पाक ने प्रोपगंडा किया- सुषमा स्वराज

कुलभूषण जादव की मुलाकात से संबंध आगे बढ़ सकते थे, लेकिन पाक ने प्रोपगंडा किया- सुषमा स्वराज
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नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान की जेल में कथित जासूसी के आरोप में जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के साथ मुलाक़ात के दौरान उनकी मां और पत्नी के साथ हुए व्यवहार पर पाकिस्तान की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि इस भेंट से दोनों देश के संबंध आगे बढ़ सकते थे लेकिन पाकिस्तान ने इस मुलाक़ात का इस्तेमाल प्रोपेगंडा के रुप में किया।

सुषमा स्वराज राज्य सभा में जाधव के साथ उनकी मां और पत्नी की मुलाक़ात पर बयान दे रही थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की बदसलूकी सरासर निंदनीय है और उसने अमानवीयता की तमाम सीमाए लांघ।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने मां और पत्नी के मंगलसूत्र तक उतार लिए और उन्हें जाधव के सामने विधवाओं की तरह पेश किया।

स्वराज ने कहा कि जाधव की मां से आज सुबह उनकी बात हुई जिसमें उन्होंने बताया कि उनके मंगलसूत्र न देखकर जाधव को आशंका हुई और उन्होंने उनसे बाबा (पिता) के बारे में पूछा। उन्हें बिना किसी सुहाग चिन्ह के देखकर किसी अनहोनी की आशंका हो गई थी।

स्वराज ने कहा कि परिवार को कपड़े बदलने के लिए मजबूर किया गया. उनकी पत्नी-मां से बिंदी, चूड़ी और मंगलसूत्र उतरवाया गया।

उनकी मां ने भरे गले से विनती की कि सुहाग के चिन्ह को न उतारे लेकिन फिर भी सुरक्षा का हवाला देकर उनसे मंगलसूत्र उतरवा दिया गया और दोनों मां-पत्नी से एक विधवा की तरह मुलाकात करवाई गई।

स्वराज ने ये भी कहा कि उनकी पत्नी के मुलाकात के बाद बार-बार जूते वापस मांगने पर नहीं दिया गया। अगर पाकिस्तान को लगता है कि जूते में रिकॉर्डर था तो उसने वहीं मीडिया के सामने क्यों नहीं दिखाया? ये उसका प्रोपेगैंडा है।

विदेश मंत्री ने जूते में रिकॉर्डर या चिप लगे होने के पाकिस्तान के आरोप को बकवास बताते हुए कहा कि उनकी पत्नी उसके पहले इस्लामाबाज जाने के लिए दुबई में कई सुरक्षा बंदोबस्त को क्रॉस किया लेकिन ये चिप रिकॉर्डर वहां नहीं दिखा लेकिन पाकिस्तान आते ही बस पाकिस्तान को दिखने लगा।

स्वराज ने बताया कि उनकी मां को अपने बेटे से मराठी में बात नहीं करने दी गई। वो अपनी मातृभाषा में सहज थी लेकिन उन्हें बार-बार रोका गया लेकिन जब उन्होंने जारी रखा तो इंटरकॉम को स्विच ऑफ कर दिया गया।

सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान ने बेअदबी की इंतिहा की. सच्चाई ये है कि जाधव से जिस मानवता का नाटक करके मुलाकात कराई गई, वहां से मानवता भी गायब थी और सद्भाव भी।

सषमा स्वराज ने कहा कि पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव पर झूठा और हास्यास्पद मुक़दमा चलाकर फांसी की सज़ा दी लेकिन हमने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जाकर फांसी की सज़ा रुकवा दी। सुषमा स्वराज ने कुलभूषण जाधव की आजादी के लिए सरकार की प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है।

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