Monday , December 18 2017

कुवैत में यौम जमहूरीया तक़ारीब में मुमताज़ तारीख़दां सय्यद नसीर अहमद मदऊ

मशहूर तारीख़दां और मुसन्निफ़ सय्यद नसीर अहमद जो तक़रीबन पंद्रह साल से हिंदुस्तान की जंग-ए-आज़ादी में हिंदुस्तानी मुसलमानों के किरदारके उनवान पर 11 किताबें तसनीफ़ कीं, कड़पा इस्लामिक वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से कुवैत में यौम जमहूरीया त

मशहूर तारीख़दां और मुसन्निफ़ सय्यद नसीर अहमद जो तक़रीबन पंद्रह साल से हिंदुस्तान की जंग-ए-आज़ादी में हिंदुस्तानी मुसलमानों के किरदारके उनवान पर 11 किताबें तसनीफ़ कीं, कड़पा इस्लामिक वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से कुवैत में यौम जमहूरीया तक़ारीब के लिए उन्हें मदऊ किया गया।

वो इस मौके पर मुख़्तलिफ़ तक़ारीब में शिरकत करेंगे। चुनांचे वो 30 जनवरी को कुवैत के दसमा इलाके के टीचर्स हाल में एक कांफ्रेंस के मेहमान ख़ुसूसी रहेंगे और जंग-ए-आज़ादी में मुसलमानों के किरदार के उनवान पर ख़िताब करेंगे।

इस कांफ्रेंस में आंध्र प्रदेश के सरकारी विहिप और ज़िला कड़पा राजिमपेट के रुकने असेंबली मैदा वेंकट मिल्खा रज्जन रेड्डी भी शिरकत करेंगे। इस कांफ्रेंस में सय्यद नसीर अहमद की ज़ख़ीम किताब तारीख़ साज़ शख़्सियात का रस्म इजरा भी अमल में आएगा।

ख़्याल रहे कि सय्यद नसीर अहमद का ताल्लुक़ आंध्र प्रदेश के ज़िला गुंटूर के तारेपली मंडल से है। और वो तक़रीबन पंद्रह साल से हिंदुस्तान की जंग-ए-आज़ादी में हिंदुस्तानी मुसलमानों के किरदार के उनवान पर 11 किताबें तसनीफ़ कीं जिन के मुतअद्दिद एडीशन शाय होचुके हैं।

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