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केंद्र के ऑर्डर को नहीं मानेंगी ममता बनर्जी! प बंगाल के कॉलेजों में मोदी की स्पीच के टेलिकास्ट पर रोक

नई दिल्ली. पीएम की स्पीच को लेकर यूजीसी ने देश के 40 हजार यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को टेलिकास्ट के लिए सर्कुलर जारी किया है। इसमें मुताबिक, सभी स्टूडेंट और टीचर 11 सितंबर को यंग इंडिया-न्यू इंडिया पर मोदी की स्पीच जरूर सुनें। लाइव टेलिकास्ट के लिए कॉलेजों को सभी जरूरी इंतजाम पहले से करने का ऑर्डर भी दिया है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इसका विरोध किया है। उन्होंने राज्य की सभी यूनिवर्सिटी से कहा कि मोदी की स्पीच सुनने-देखने के लिए कोई जरूरी इंतजाम नहीं किए जाएं। बीजेपी ने इस फैसले को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण और असहनीय बताया है।

दरअसल यूजीसी ने पूरे देश की यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को निर्देश जारी कर कहा था कि 11 सितंबर को स्वामी विवेकानंद की 125वीं वर्षगांठ पर शिकागो में वर्ल्ड पार्लियामेंट ऑफ रिलिजन्स में पीएम मोदी का भाषण देंगे, उसका अपने परिसर में लाइव दिखाना है। यूजीसी ने 40 हजार से ज्यादा शिक्षण संस्थानों को सर्कुलर जारी कर पीएम मोदी के भाषण का लाइव प्रसारण करने के लिए कहा है। लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटीज को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) के निर्देश को नजरअंदाज करने को कहा है।

बीजेपी स्पोक्सपर्सन नलिन कोहली ने कहा, ”ये ममता सरकार का दुर्भाग्यपूर्ण और चौंकाने वाला फैसला है। संघीय व्यवस्था में पीएम सबसे ऊपर होता है। क्या किसी राज्य के सीएम को हक है कि वो केंद्र के ऑर्डर को नहीं माने और स्टूडेंट्स के लिए पीएम की स्पीच पर रोक लगा दे। आप (ममता बनर्जी) पश्चिम बंगाल की चुनी हुईं सीएम हैं। लोकतंत्र में ऐसा बर्ताव असहनीय है।”

दूसरी ओर, बीजेपी नेता सुदेश वर्मा ने पश्चिम बंगाल सरकार के फैसलों को मूर्खतापूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा, ”स्वामी विवेकानंद से जुड़ा कोई प्रोग्राम राष्ट्रभक्ति को बढ़ाएगा। इस मौके पर पीएम की स्पीच को टेलिकास्ट से रोकना ममता बनर्जी की अच्छी सोच नहीं है।”

शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि राज्य सरकार को बिना बताए या उसकी जानकारी में लाए बिना केंद्र सरकार ऐसा नहीं कर सकती। यह स्वीकार नहीं है, यह शिक्षा को भगवा करने की एक कोशिश है। यूजीसी के सर्कुलर से राज्य के कॉलेज और यूनिवर्सिटी हैरान थे। उसके बाद उन्होंने हमसे संपर्क किया। तब मैंने उन्हें कहा कि यूजीसी के निर्देशों का पालन करना बाध्यता नहीं है।

कहा जा रहा है कि इस दौरान पीएम यंग इंडिया के लिए विवेकानंद की सीखों पर बात कर सकते हैं। इसके लिए एचआरडी मिनिस्ट्री ने एक लिंक जारी किया है, जहां लाइव स्पीच सुनी जा सकती है। सीएम ममता बनर्जी ने यूजीसी का ऑर्डर मानने से इनकार कर दिया है। एचआरडी मिनिस्ट्री के सूत्रों की मानें तो ममता सरकार ने पश्चिम बंगाल की सभी यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट्स से कहा है कि वे 11 सितंबर को पीएम की स्पीच टेलिकास्ट करने के लिए यूजीसी का कोई ऑर्डर नहीं मानें।

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