Thursday , December 14 2017

केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव पर साधा भाजपा पर निशाना कहा, ‘भ्रष्टाचार की गंगोत्री’ है भाजपा

New Delhi: Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal gestures as he addresses a press conference in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Kamal Kishore (PTI6_21_2016_000181A)

आम आदमी पार्टी ने आज केन्द्र तथा उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा को ‘भ्रष्टाचार की गंगोत्री’ बताते हुए उसके द्वारा नगरीय निकाय चुनाव के लिये जारी घोषणापत्र को ‘झूठ का पुलिंदा’ करार दिया।

आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा ‘‘ऐसा लगता है कि भाजपा भ्रष्टाचार की गंगोत्री बन गयी है। अन्य पार्टियों के भ्रष्ट लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं। चाहे वह नारायण राणे हों या फिर मुकुल रॉय। राणे जब तक कांग्रेस में थे, तब तक भ्रष्ट थे। मगर भाजपा में शामिल होते ही वे पवित्र हो गये। भ्रष्टाचार के मामले में सजा पाये सुखराम भी अब पवित्र हो चुके हैं। ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं।’’

उन्होंने भाजपा द्वारा नगरीय निकाय चुनावों के लिये कल जारी घोषणापत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह अच्छा है इसमें भाजपा ने आम आदमी पार्टी की नकल की है, लेकिन दरअसल यह झूठ का पुलिंदा और लोगों की आंखों में धूल झोंकने का पत्र है।

आशुतोष ने कहा कि भाजपा नगरीय निकायों को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के दावे कर रहे हैं, जबकि ज्यादातर नगरीय निकायों की सत्ता इसी दल के हाथों में रही है। यह पार्टी केन्द्र और उत्तर प्रदेश में सत्ता पर काबिज है। हालात ये हैं कि गोरखपुर, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का क्षेत्र हैं, वहां के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 60 बच्चों की मौत हो गयी लेकिन योगी जिम्मेदारी लेने से बचते रहे।

आप प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि कोई मुख्यमंत्री नगरीय निकाय चुनावों में 32 जनसभाओं को सम्बोधित करने जा रहा है। यह और कुछ नहीं बल्कि पराजय का डर है।

उन्होंने कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का क्षेत्र है। कोई जाकर वहां की सड़कों के हालात तो देखे। कई जगह तो सड़कें ही नहीं हैं और यह शहर देश के सबसे प्रदूषित नगरों में शामिल है।

आप प्रवक्ता ने लखनऊ के पूर्व महापौर और वर्तमान में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डाॅक्टर दिनेश शर्मा पर हमला करते हुए कहा कि शर्मा के ही कार्यकाल में लखनऊ नगर निगम में एक हजार करोड़ रुपये का ई-टेण्डर घोटाला हुआ। इसके अलावा 300 करोड़ रुपये का ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन घोटाला भी उन्हीं के कार्यकाल में अंजाम दिया गया।

 

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