Saturday , January 20 2018

हिंदुस्तान की एक ऐसी जगह जहां हिन्दू, मुसलमान और ईसाई एक साथ खुलेआम बीफ़ बड़े शौक से खाते हैं

केरल : उत्तरी, मध्य और पश्चिमी भारत के ज्यादातर हिस्सो में गौ मांस या बीफ़ खाने पर पूरी तरह से या आंशिक तौर पर बैन है. हालांकि केरल में बीफ़ ख़ाने पर बैन नहीं है. 55 फीसद हिन्दू आबादी वाला केरल उन चंद रियासतों में से है जहां इस पर बैन नहीं है. यहां बीफ़ “सेक्यूलर मीट” माना जाता है. केरल के लिए बीफ़ बहुत महत्वपूर्ण है. एक ही मेज़ पर जाति और वर्ग की विभिन्नताओं के बावजूद एक हिन्दू, मुसलमान और ईसाई साथ बैठकर बीफ़ फ्राई और पराठे खाते हुए रिश्ते को मज़बूत करते हैं.” बीफ़ इतनी गहराई से केरल की पहचान बन चुकी है कि इसमें राजनीति भी शामिल हो गई है.

इस पकवान से निकलने वाली नारियल, करी पत्ते, दालचीनी, लौंग, धनिया पाउडर और भुनी मिर्च की लाजवाब खुशबू आप तक पहुंचेगी, आप खुद को रोक नहीं पाएंगें. इससे भारतीय खाने को जोड़कर देखा जाता है. लेकिन बीफ़ फ्राई स्थानीय लोगों में सबसे लोकप्रिय है. महक से भरे बीफ़ फ़्राई को रोज़ खाया जा सकता है. आप इसे इतवार को दोपहर के खास भोजन में भी खा सकते हैं. बीफ़ को जितना अधिक भुना जाता है, उसका रंग उतना ही गाढ़ा होता है और उससे उतनी ही अधिक खुशबू आती है. केरल के एक होटल में खाने आए रंजीत कहते हैं, “मुझे ये बेहद पसंद है. यह बहुत नरम होता है और मुंह में डालते ही पिघल जाता है. वैसे बीफ़ को मटन और चिकन के मुकाबले पेट के लिए हल्का माना जाता है.” और यह सस्ता भी है. पापुट्टि होटल में मिलने वाले सभी बीफ़ के पकवानों की कीमत महज़ दो सौ रुपये के करीब है. बीफ़ के प्रति ऐसा प्यार हिन्दू अकसरियत भारत में थोड़ा अजीब सा लगता है क्योंकि यहां गाय की पूजा की जाती है.

TOPPOPULARRECENT