केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता बोले- मल्लपुरम पर दिए गए बयान को मेनका गांधी वापस लें

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता बोले- मल्लपुरम पर दिए गए बयान को मेनका गांधी वापस लें

केरल में गर्भवती मादा हाथी की दर्दनाक मौत को लेकर देश में गम और गुस्से का माहौल है. इस पूरे मामले को लेकर राजनीति भी खूब हो रही है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद मेनका गांधी ने कहा था कि मल्लपुरम ऐसी घटनाओं के लिए कुख्यात है. यह देश का सबसे हिंसक राज्य है. अब केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने मेनका गांधी से बयान वापस लेने को कहा है.

रमेश चेन्निथला ने कहा कि हथिनी की मौत दुखद है. इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. लेकिन केरल के मल्लपुरम जिले को लेकर आपका (मेनका गांधी) बयान अस्वीकार्य है. मैं मांग करता हूं कि आप अपना बयान वापस लें. आपके बयान से हेट स्पीच को बढ़ावा मिल चुका है. सोशल मीडिया पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ लोग नफरत की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.

मेनका गांधी ने क्या कहा था

हथिनी की मौत को लेकर मेनका गांधी ने कहा कि ये हत्या है, मल्लपुरम ऐसी घटनाओं के लिए कुख्यात है. यह देश का सबसे हिंसक राज्य है. यहां लोग सड़कों पर जहर फेंक देते हैं जिससे 300 से 400 पक्षी और कुत्ते एक साथ मर जाएं. केरल में हर तीसरे दिन एक हाथी को मार दिया जाता है. केरल सरकार ने मल्लपुरम मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. ऐसा लगता है, वो डरे हुए हैं.

 

बीजेपी सांसद ने कहा कि भारत में हाथियों की संख्या वैसे भी लगातार घटती जा रही है. अब इनकी संख्या 20,000 से भी कम हो गई है. दरअसल, मल्लपुरम से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई थी. यहां एक गर्भवती हथिनी खाने की तलाश में जंगल के पास वाले गांव पहुंच गई, लेकिन वहां शरारती तत्वों ने अनन्नास में पटाखे भरकर हथिनी को खिला दिया, जिससे उसका मुंह और जबड़ा बुरी तरह से जख्मी हो गए.

विस्फोटक से उसके दांत भी टूट गए थे. इसके बाद भी हथिनी ने गांव में किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया और वो वेलियार नदी पहुंच गई, जहां तीन दिन तक पानी में मुंह डाले खड़ी रही. बाद में उसकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई.

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