Saturday , December 16 2017

कैराना ख़बर झूठी साबित होने पर भी किया BJP के दल ने दौरा

भाजपा के नौ सदस्यीय दल ने आज उत्तर प्रदेश के कैराना में हिंदुओं के कथित पलायन के मुद्दे पर स्थिति का जायजा लेने के लिए दौरा किया, वहीं कांग्रेस ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी के एक सांसद के अपने रख से पलटने के बाद भाजपा नेतृत्व का भांडा फूट गया है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इलाहाबाद में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान सोमवार को तथ्यान्वेषी दल के गठन की घोषणा की थी। इससे पहले भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने आरोप लगाया था कि शामली जिले के कैराना गांव से हिंदुओं के पलायन के सांप्रदायिक कारण हैं। प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।

सिंह ने पहले आरोप लगाया था कि कैराना से कई हिंदू परिवारों को ‘एक विशेष समुदाय’ के अत्याचारों के बाद पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन उन्होंने कल रख बदलते हुए कहा कि मामले की प्रकृति सांप्रदायिक नहीं है बल्कि इसका कानून व्यवस्था की स्थिति से ज्यादा लेनादेना है।

भाजपा विधायक सुरेश राणा के अनुसार आज कैराना पहुंचे दल ने कथित रूप से पलायन करने वाले हिंदुओं के कुछ परिवारों से बात की। दल ने जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों से भी बातचीत की।

राणा ने कहा, ‘‘हम तीन साल से विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते आ रहे हैं। हम केवल तभी पलायन की बात करते हैं जब डर का माहौल अपने चरम पर होता है। अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चाहते तो काफी समय पहले ही हालात को नियंत्रित कर सकते थे।’’ उन्होंने कहा कि मामले में रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को भेजी जाएगी।

राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कैराना गांव का दौरा करना चाहिए और भाजपा पर झूठ बोलने का आरोप लगाने के बजाय हालात का मूल्यांकन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि टीम का नेतृत्व उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा विधायक दल के नेता सुरेश खन्ना ने किया।

राजनीति का माहौल आज के दौर में कितना गिर चुका है ये इसी से पता चलता है कि एक बड़ी पार्टी के नेता किस तरह लोगों में धार्मिक उन्माद भर के अपनी चुनावी रोटियाँ सेंकना चाहते हैं. ऐसे में यही सलाह है कि सावधान रहें. हिन्दू और मुसलमान के बीच में विवाद फैलाने का तरीक़ा हो सकता है ये.

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