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कोचिंग शहर कोटा अवैध हथियारों का गढ़ : नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की सर्वे रिपोर्ट

कोटा : नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ओर से जारी एक रिपोर्ट में राजस्थान में कानून और व्यवस्था की जो हकीकत पेश की गई है वो चौंकाने वाली है. प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया अपने शासन में जहां अपराध पर लगाम की बात कर रहे थे उसी प्रदेश की राजधानी जयपुर सबसे ज्यादा गैंगरेप वाले शहरों में दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर है. एजुकेशन हब और कोचिंग सिटी कहा जाने वाला कोटा शहर भी इस रिपोर्ट में हथियार तस्करी का गढ़ बना है.

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश का कोटा शहर हथियार तस्करी का अड्‌डा बन गया है. कोटा के बदमाश अवैध हथियार मध्य प्रदेश और यूपी के तस्कर को सप्लाई दे रहे हैं. यहां पुलिस ने 786 बदमाशों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तार किया है. इनके आधार पर कोटा देश का तीसरा शहर है जहां सबसे ज्यादा अवैध हथियारों से जुड़े मामले सामने आए हैं. ब्यरो के आकंड़ों के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा अवैध हथियारों की तस्करी गाजियाबाद, भोपाल दिल्ली में होती है. गाजियाबाद पुलिस ने 980, भोपाल ने 934 और दिल्ली में 658 हथियार तस्करी के मुकदमे दर्ज हुए.

एनसीआरबी की रिपोर्ट में जयपुर देश का चौथा ऐसा शहर है जहां अपराध सबसे ज्यादा होते हैं. दिल्ली के बाद गैंगरेप मामलों में जयपुर दूसरे स्थान पर है. एनसीआरबी की रिपोर्ट में सबसे ज्यादा अपराध वाले 53 शहरों को शामिल किया गया है और इस सूची में जयपुर चौथे स्थान पर है. एनसीआरबी के आंकड़ों की मानें, तो गैंगरेप की सबसे ज्यादा घटनाएं दिल्ली के बाद जयपुर में हुई हैं (दिल्ली में 80, जयपुर 21). दुष्कर्म की घटनाएं दिल्ली मुंबई में सबसे ज्यादा हैं, जयपुर का नंबर तीसरा है.

रिपोर्ट के अनुसार जयपुर में पिछले वर्ष 26 हजार 288 हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, नकबजनी, दुष्कर्म अन्य अपराध दर्ज किए गए. 65 पुलिस थानों में दर्ज इन मुकदमों के आधार पर दिल्ली (1.73 लाख)] मुंबई (42 हजार) और बेंगलुरू (35 हजार) के बाद जयपुर का अपराध जगत में चौथा स्थान रहा है. हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस साल जयपुर कमिश्नर बदलने के बाद क्राइम कंट्रोल हुआ है. जनवरी से सितंबर माह तक दर्ज मुकदमों के आधार पर 11 फीसदी अपराध कम हुए है.

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