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कोड़ा को किसने मारा-पीटा पता नहीं कर पायी पुलिस

रांची 5 मई : होटवार वाक़ेय बिरसा मुंडा मर्क़ज़ी जेलखाना में साबिक़ वज़ीरेआला और सांसद मधु कोड़ा को किसने पीटा था, इसका इशारा पुलिस को अपने तहकीक में नहीं मिला। पुलिस ने जराय इशारा एहसास (एफआरटी नो क्लू) दिखाते हुए रिपोर्ट अदालत में

रांची 5 मई : होटवार वाक़ेय बिरसा मुंडा मर्क़ज़ी जेलखाना में साबिक़ वज़ीरेआला और सांसद मधु कोड़ा को किसने पीटा था, इसका इशारा पुलिस को अपने तहकीक में नहीं मिला। पुलिस ने जराय इशारा एहसास (एफआरटी नो क्लू) दिखाते हुए रिपोर्ट अदालत में वक्फ़ कर दिया। इस सिलसिले में पूछने पर पुलिस ने कहा कि जेल में बहुत सारे पुलिस अह्ल्कर काम में हैं। इस वजह से कोड़ा को पीटनेवाले पुलिस अह्ल्कर की पहचान करना मुम्किन नहीं है। वहीं, जेल में बंद कैदी राजू तांती, जिसने अपने साथ मारपीट का इल्ज़ाम मधु कोड़ा समेत दीगर पर लगाया था, तहकीक के दौरान उसका इल्ज़ाम दुरुस्त पाया गया। इस मामले में पुलिस ने गैर अंदाजी मुजरिमाना मामला दिखाते हुए आखरी रिपोर्ट अदालत में वक्फ़ कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस ने दोनों केस बंद कर दिया।

क्या है मामला : 31 अक्तूबर 2011 को मधु कोड़ा, एनोस एक्का, हरिनारायण राय, सावना लकड़ा और प्रदीप कुमार जेल में बढ़िया खाना और कपड़े की मांग को लेकर जेल अहाते में बने वॉच टॉवर के क़रीब धरना पर बैठे थे।

इसकी मुखालफ़त जेल में बंद दीगर कैदियों ने किया। तब मधु कोड़ा मुखालफ़त करनेवाले कैदियों से उलझ पड़े। इल्ज़ाम है कि राजू तांती के साथ कोड़ा ने मारपीट की। इसके बाद जेल में हंगामा होने लगा। तब जेल में तैनात पुलिस अहलकार ने मामले को शांत किया था। इसी दौरान मधु कोड़ा के हाथ में चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें रिम्स में भरती कराया गया।
इस सिलसिले में मधु कोड़ा और राजू तांती ने अलग-अलग मामला दर्ज कराया था, जिसका तहकीक पुलिस कर रही थी।

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