कोरियाई आसमान में उड़े अमरीकी बम-वर्षक विमान

कोरियाई आसमान में उड़े अमरीकी बम-वर्षक विमान
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उत्तर कोरिया की धमकियों से आजिज आकर अमेरिका ने कोरियाई प्रायद्वीप में नौसेना का जंगी जहाज भेजा था. साथ ही समय-समय पर दक्षिण कोरिया में बम गिराने के संयुक्त अभ्यास के लिए बमबर्षक और लड़ाकू विमान भी भेजे थे. इसी कड़ी में आज अमरीका ने कोरियाई प्रायद्वीप पर दक्षिण कोरिया के लड़ाकू जहाजों के साथ बम गिराने का अभ्यास किया है. इस सैन्य अभ्यास में दो अमरीकी बम-वर्षक विमान शामिल थे. दक्षिण कोरियाई न्यूज़ एजेंसी योनहैप के मुताबिक़, अमरीका ने यूएस चार एफ़-35बी स्टेल्थ जेट और दो बी-1बी रणनीतिक बमवर्षकों के साथ अभ्यास किया है.

दक्षिण कोरियाई न्यूज़ एजेंसी योनहैप के मुताबिक़, अमरीका ने यूएस चार एफ़-35बी स्टेल्थ जेट और दो बी-1बी रणनीतिक बमवर्षकों के साथ अभ्यास किया है.इस अभ्यास में दक्षिण कोरिया के एफ़-15के फ़ाइटर जेट विमान भी शामिल थे जो अभ्यास के बाद जापान और गुआम में स्थित एयरबेस पर पहुंच गए.

दोनों देशों की ओर से ये क़दम 15 सितंबर को उत्तर कोरिया की ओर से जापान के ऊपर मिसाइल छोड़ने के बाद उठाया गया है.इसके साथ ही उत्तर कोरिया बीती 3 सितंबर को अब तक का अपना 6वां परमाणु परिक्षण कर चुका है.इसी बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ कड़ी सज़ा की मांग की है.

जापान सरकार ने पड़ोसी देश उत्तर कोरिया के आक्रामक रुख को देखते हुए देश में हाई अलर्ट की घोषणा कर दी है। उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह अमरीकी पैसेफिक क्षेत्र के द्वीप गुआम में मिसाइल हमले पर विचार कर रहा है। जापान की सरकारी न्यूज एजेंसी क्योडो के मुताबिक जापान के रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनदडेरा ने इस मसले पर पत्रकारों से बात की।
ओनदडेरा ने कहा, “उत्तर कोरिया की ओर से सामने आ रहा खतरा अब इस हद तक पहुंच गया है कि हमें हमेशा चौकन्ना रहना पड़ेगा और सुनियोजित ढंग से नजर रखनी पड़ेगी कि क्या उत्तर कोरिया के पास ऐसा हथियार है या वह ऐसा हथियार जल्द ही हासिल कर लेगा।”

जापान की सरकार ने हाल ही में सुरक्षा से जुड़ा श्वेतपत्र जारी किया है। इसमें इस बात को स्वीकार किया गया है कि उत्तर कोरिया के पास पहले से ही छोटे परमाणु हथियार हैं और इन्हें लंबी दूरी की मिसाइलों में फिट किया जा सकता है।

उधर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के हवाले से कहा गया है कि जल्दबाजी में उठाये जा रहे सैन्य कदम कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु युद्ध की कगार पर ले जा रहे हैं.

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