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कोलकाता: मौलाना बरकती के फतवे के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन, कई नेता गिरफ्तार

कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के बयानबाजी पर कोलकाता की मशहूर शाही मस्जिद के इमाम मौलाना नुरुल रहमान बरकती के फतवे के खिलाफ आज भाजपा की रैली में शामिल कई नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

न्यूज़ नेटवर्क समूह प्रदेश 18 के अनुसार टीपू सुल्तान मस्जिद के इमाम मौलाना बरकती जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी हैं तीन दिन पहले यह फतवा जारी किया था कि धर्मनिरपेक्ष नेता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बयानबाजी करने वाले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को पत्थर मारकर बंगाल से बाहर करने का फतवा जारी किया था।भाजपा ने इसी फतवे के खिलाफ आज रैली का आयोजन किया था। यह रैली सेंट्रल एवेन्यू में स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय से शुरू होकर एक्सपलैंड में स्थित टीपू सुलतान मस्जिद में जाकर खत्म होना था।

पुलिस ने सेंट्रल एवेन्यू में ही भाजपा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। मगर भाजपा कार्यकर्ता आगे जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया और कई भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।

कोलकाता के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया था मगर जब वे लोग आगे बढ़ने पर जोर करने लगे तो हमने कुछ नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है. भाजपा ने दावा किया है कि पुलिस की लाठी चार्ज में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष घायल हो गए हैं। पुलिस ने विधायक सवाधीन कुमार और राज्य महासचिव दीबो श्री चौधरी को गिरफ्तार किया गया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि पुलिस का रवैया अमानवीय और अलोकतांत्रिक है। हमें शांतिपूर्ण रैली करने नहीं दिया गया। हम तृणमूल कांग्रेस सरकार के इस अलोकतांत्रिक तरीके की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस तृणमूल कांग्रेस रैलियों में इस कदर व्यस्त हैं हमें रैली करने से रोक दिया।

गौरतलब है कि सोमवार को कोलकाता में संवाददाताओं से बात करते हुए टीपू सुल्तान मस्जिद के इमाम मौलाना नूरल रहमान बरकती ने कहा था कि चूंकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने हमारे प्रिय मुख्यमंत्री और देश के सबसे बड़े धर्मनिरपेक्ष नेता ममता बनर्जी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है इसलिए हमारा फतवा है कि घोष को संगसार कर राज्य से निकाल बाहर किया जाये। वह बंगाल में रहने के योग्य नहीं हैं।

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