Friday , December 15 2017

कोल इंडिया में हड़ताल, बातचीत बेनतीजा, कोयला ढुलाई ठप

कोल इंडिया में हड़ताल के पहले दिन मुल्क की करीब तमाम कोल कंपनियों में प्रॉडक्शन मुतासीर रहा। ज़्यादातर कंपनियों में कोयले का डिस्पैच पूरी तरह ठप रहा। झारखंड में सीसीएल, बीसीसीएल और इसीएल की कोलियरियों में भी इसका तौसिह असर देखा ग

कोल इंडिया में हड़ताल के पहले दिन मुल्क की करीब तमाम कोल कंपनियों में प्रॉडक्शन मुतासीर रहा। ज़्यादातर कंपनियों में कोयले का डिस्पैच पूरी तरह ठप रहा। झारखंड में सीसीएल, बीसीसीएल और इसीएल की कोलियरियों में भी इसका तौसिह असर देखा गया। इन कोलियरियों में डिस्पैच के साथ-साथ कोयले का प्रोडकशन भी मुतासीर रहा। कोल इंडिया के नए सदर के मुताबिक, हड़ताल के पहले दिन करीब 15 लाख टन कोयले का प्रॉडक्शन मुतासीर रहा। इस दरमियान, मंगल शाम को कोयला सेक्रेटरी के साथ हुई मजदूर यूनियनों की बातचीत नाकामयाब हो गयी है।

सीसीएल में असर : हड़ताल के पहले दिन सीसीएल में पहली शिफ्ट में करीब 41 मजदूर काम पर नहीं आये। कंपनी इंतेजामिया के मुताबिक, कुल 58 कोलियरियों में से तीन में काम मुतासीर रहा।

हेड क्वार्टर में ज़्यादा असर नहीं रहा। छह जनवरी को सीसीएल का मैनपावर 29386 था। इनमें वैसे मुलाज़िम को भी शामिल किया गया था, जो लंबे वक़्त से गैर हाजिर हैं या फिर छुट्टी पर हैं। इनमें से 17599 मुलाज़िम काम पर थे। 11787 मुलाज़िम बिना वजह बताये छुट्टी पर थे। सीएमपीडीआइ में 20 फीसद मुलाज़िम की गैर हाजिर रही। कंपनी में करीब 2200 मुलाज़िम हैं। हेड क्वार्टर में हड़ताल का बहुत असर नहीं रहा। पर ड्रिलिंग कैंपों में जबरदस्त असर देखा गया। सीटू लीडर आरपी सिंह ने बताया : 100 फीसद ड्रिलिंग कैंपों में काम नहीं हुआ। गोपालपुर कैंप में कुछ मुलाज़िम काम पर चले गये थे। राब्ता करने पर काम करनेवाले मुलाज़िम वापस लौट गये।

बीसीसीएल में भी काम ठप : बीसीसीएल में प्रॉडक्शन व डिस्पैच पूरी तरह ठप हो गया। हड़ताल को कामयाब बनाने के लिए यूनियनों के बड़े लीडर कोलियरियों में घूमते रहे। कंपनी हेड क्वार्टर कोयला इमारत में हड़ताल का असर कम दिखा। यहां हड़ताली काम पर जानेवालों को गुलाब का फूल देकर हड़ताल को कामयाब बनाने की दरख्वास्त करते देखे गये। कोलियरियों में तो कुछ मजदूरों ने हाजिरी बनाने के बाद आउट करवाया।

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