Monday , December 18 2017

कोल ब्लॉक मंसूख होने से झारखंड की कंपनियों को झटका

सुप्रीम कोर्ट ने जिन 214 कोल ब्लॉकों को मंसूख किया है उनमें कई झारखंड में भी हैं। एनटीपीसी और सेल के बचे चार कोल ब्लॉक में दो झारखंड में हैं। 1993 से अब तक अलोट कोल ब्लॉक मंसूख कर दिए गए हैं। 1993 से अब तक झारखंड में पांच दर्जन से ज़्यादा कोल

सुप्रीम कोर्ट ने जिन 214 कोल ब्लॉकों को मंसूख किया है उनमें कई झारखंड में भी हैं। एनटीपीसी और सेल के बचे चार कोल ब्लॉक में दो झारखंड में हैं। 1993 से अब तक अलोट कोल ब्लॉक मंसूख कर दिए गए हैं। 1993 से अब तक झारखंड में पांच दर्जन से ज़्यादा कोल ब्लॉक का अलोटमेंट हुआ था। वक़्त पर प्रॉडक्शन शुरू नहीं करने की वजह से कई कोल ब्लॉक का आलोटेमेंट पहले ही मौजूदा कोयला वज़ीर श्रीप्रकाश जायसवाल के मुद्दत में मंसूख कर दिया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने एक मेयार के तहत तमाम अलोटमेंट पॉलिसी के मुद्दे पर 2014 कोल ब्लॉक के अलोटमेंट को मुस्तर्ड कर दिया है।

इधर कोल कंट्रोलर अमृत आचार्य ने राबता करने पर कहा कि महज़ ४० कोल ब्लॉक में ही प्रॉडक्शन शुरू हुआ था। कुछ ऑपरेशनल होने की अमल में थे। ज्यादातर कोल ब्लॉक यूं ही पड़े हुए हैं। दो दर्जन कंपनियों की बैंक गारंटी भी जब्त की गई थी। बैंक गारंटी एक साल की रॉयल्टी के बराबर की रकम होती है। 2011 से 2014 के दरमियान अलोटमेंट मंसूख किए गए थे।

जेएसइबी, डीवीसी, एनटीपीसी के अलावा एस्सार पावर, टाटा पावर, इलेक्ट्रो स्टील,रूंगटा माइंस, सन फ्लैग आयरन एंड स्टील, भूषण स्टील, कैस्ट्रॉन माइनिंग, बिहार स्पांज आयरन के अलावा झारखंड मूअदनी कॉर्पोरेशन अलोटमेंट ब्लॉक भी मंसूख हुए थे। कुछ ने जल्दी प्रॉडक्शन की गारंटी देते हुए दुबारा अलोटमेंट कराने में कामयाब रहे। अब कोर्ट ने तमाम अलोटमेंट मंसूख कर दिए हैं। 2004 से 2009 के दरमियान अलोटमेंट १५३ कोल ब्लॉकों में महज़ चार में 2012 तक प्रॉडक्शन शुरू हुआ था। यूं तो अलोटमेंट पॉलिसी और बदुनवान के मुद्दे पर कोल ब्लॉक मंसूख किए गए हैं। वैसे इसका कंपनियों पर करारा असर होगा।

इधर डीजीएमएस के एक अफसर ने बताया कि जिन कोल ब्लॉक में प्रॉडक्शन शुरू हुआ है वह कंनियों की जरूरत है। कोर्ट से छह माह का वक़्त मिला है। एकतेसादी जुर्माना वगैरह लगाकर ऑपरेशन माइसं पर हुकूमत को फैसला लेना होगा नहीं तो इसका गहरा असर इंडस्ट्रीज पर पड़ेगा। तौसिह से उन्होंने पड़ने वाले असर पर बात की।

2012 में बोली लगाकर अलोटमेंट की पॉलिसी बनी

कोलगेट का मामला पर्दाफ़ाश होने के बाद कोल ब्लॉकों के अलोटमेंट का मुद्द गरमा गया। मौजूदा यूपीए हुकूमत ने अलोटमेंट को शफ़ाफ़ियत बनाने के लिए ऑक्शन की पॉलिसी बनाई। कोल ब्लॉकों की नीलामी करने यानी बोली लगाकर अलोटमेंट करने की पॉलिसी बनी। कोलगेट में अलोटमेंट के लिए स्क्रीनिंग कमेटी समेत कई मुद्दों पर सवाल उठाया गया था। अब ऑक्शन के तहत कोल ब्लॉक की नीलामी होने की इमकान है। अलोटमेंट पॉलिसी के अलावा साबिक़ में लगे आरोपों देर से प्रॉडक्शन, कोयले की चोरी, जरूरत से ज़्यादा प्रॉडक्शन, बिना सनअत लगाए कोयला कानकुनी जैसे इल्ज़ाम लगे।

1993 से अब तक झारखंड में प्राइवेट कंपनियों को एलॉटमेंट ब्लॉक

कंपनी कोल ब्लॉक
कैस्ट्रॉन माइनिंग ब्रह्मडीहा,गिरिडीह
विनी आयरन एंड स्टील राजहरा,नॉर्थ डाल्टेनगंज
टिस्को पचमो,वेस्ट बोकारो
उषा मार्टिन लोहार,डाल्टेनगंज
टाटा पावर तुबेद,ओरंगा
जीवीके पावर तोकिसूद नॉर्थ,साउथ कर्णपुरा
उषा मार्टिन कथोटिया,डाल्टेनगंज
टाटा स्टील गणेशपुर, नॉर्थ कर्णपुरा
अभिजीत इंफ्रास्ट्रक्चर वृंदा,नॉर्थ कर्णपुरा
अभिजीत इंफ्रास्ट्रक्चर मेराल, नॉर्थ कर्णपुरा
अभिजीत इंफ्रास्ट्रक्चर ससाई, नॉर्थ कर्णपुरा
झारखंड इस्पात प्रा. लिमिटेड नॉर्थ घादू,नॉर्थ कर्णपुरा
पवनजय स्टील प्रा. लि. नॉर्थ घादू,नॉर्थ कर्णपुरा
इलेक्ट्रोस्टील कास्टिंग नॉर्थ घादू,नॉर्थ कर्णपुरा
आधुनिक एलॉयज नॉर्थ घादू,नॉर्थ कर्णपुरा
नीलांचल आयरन एंड पावर डुमरी नॉर्थ कर्णपुरा
बजरंग इस्पात प्रॉ लि. नॉर्थ घादू,नॉर्थ कर्णपुरा
रूंगटा माइंस लिमिटेड बुंडू नॉर्थ कर्णपुरा
एस्सार पावर चकला नॉर्थ कर्णपुरा
जिंदल स्टील एंड पावर जीतपुर,चुपरबिटा
हिंडाल्को तुबेद ,ओरंगा
भूषण पावर एंड स्टील पाटल ईस्ट साउथ कर्णपुरा
आर्सेलर मित्तल सेरेगढा,नॉर्थ कर्णपुरा
जीवीके पावर सेरेगढा,नॉर्थ कर्णपुरा
सीइएससी महुआगढ़ी,राजमहल
जस इंफ्रास्ट्रक्चर महुआगढ़ी,राजमहल
जिंदल स्टील एंड पावर अमर कोंडा,वीरभूम
रूंगटा माइंस चोरीटांडम्, तिलैया
सन फ्लैग आयरन एंड स्टील चोरीटांड़, तिलैया
जेएसडब्ल्यू स्टील रोहने
जय बालाजी इंडस्ट्रीज रोहने
बिहार स्पंज एंड आयरन मचेरकुंडा
मुकुंद लिमिटेड राजहरा,नॉर्थ डाल्टेनगंज
रूंगटा माइंस लिमिटेड मेदनीराय
कोहिनुर स्टील मेदनीराय
आधुनिक थर्मल एनर्जी गणेशपुर, नॉर्थ कर्णपुरा
डोमको स्मोकलेस वेस्ट बोकारो,लालगढ़

TOPPOPULARRECENT