Tuesday , December 12 2017

कोहिनूर पर दावा कैसे करें, उसे लूट कर नहीं ले जाया गया था : केंद्र सरकार

नई दिल्ली: कोहिनूर हीरा मुल्क में वापस लाए जाने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मरकजी हुकूमत से पूछा कि कोहिनूर को वापस लाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मरकजी हुकूमत से 6 हफ्ते में जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही यह भी कहा कि इस याचिका को लंबित रखा जाएगा क्योंकि अगर यह खारिज होती है तो केस कमजोर हो जाएगा। और कहा जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट ने केस खारिज कर दिया है।

कोर्ट ने कहा कि जैसे टीपू सुल्तान की तलवार वापस आई, हो सकता है आगे भी ऐसा ही हो। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में अदालत से ब्रिटेन के उच्चायुक्त को हीरा लौटाने की हिदायत देने को कहा गया है। इसके अलावा कुछ और अनमोल वस्तुएं भी मांगी गई हैं।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा कि सीधे तौर पर कोहिनूर पर दावा नहीं किया जा सकता क्योंकि कोहिनूर को लूट कर नहीं ले जाया गया। 1849 सिख जंग में हर्जाने के तौर पर दिलीप सिंह ने कोहिनूर को अंग्रेजों के हवाले किया था। अगर उसे वापस मांगेंगे तो दूसरे मुल्कों की जो चीज़ें भारत के संग्रहालयों में हैं उन पर भी विदेशों से दावा किया जा सकता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि हिन्दुस्तान ने तो कभी भी कोई उपनिवेश नहीं बनाया न दूसरे की चीज़ें अपने यहां छीन कर रखीं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस याचिका को मेरिट पर नहीं बल्कि इस वजह से ख़ारिज नहीं किया जा सकता कि कुछ दूसरे मुल्कों को यह कहने का मौक़ा न मिले कि आपकी सुप्रीम कोर्ट ने ही दावा ख़ारिज कर दिया।  सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने 6 हफ़्तों का वक्त दिया कि वह हलफनामा दायर करे और बताए कि कोहिनूर को वापिस लाने की क्या कोशिशें की जा चुकी हैं और क्या और की जा सकती हैं।

गौरतलब है कि 2013 में भारत आए यूके के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने  बातचीत में साफ किया था कि कोहिनूर को वापिस करने का उनकी सरकार का कोई इरादा नहीं है। कैमरन ने कहा था ‘अगर हम किसी एक की बात मानकर ऐसा कर लेते हैं तो धीरे धीरे पूरा का पूरा ब्रिटिश संग्रहालय खाली हो जाएगा।’

TOPPOPULARRECENT