कोड़नकुलम तनाज़ा में बैरूनी हाथ

कोड़नकुलम तनाज़ा में बैरूनी हाथ
वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह पर आज शदीद तन्क़ीदें की गई कि उन्होंने कोड़नकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट के ख़िलाफ़ एहतिजाज के पीछे बैरूनी एन जी औज़ का हाथ होने से मुताल्लिक़ रिमार्क किया था। अपोज़ीशन और समाजी कारकुनों ने उनके इस रिमार्क का सख़

वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह पर आज शदीद तन्क़ीदें की गई कि उन्होंने कोड़नकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट के ख़िलाफ़ एहतिजाज के पीछे बैरूनी एन जी औज़ का हाथ होने से मुताल्लिक़ रिमार्क किया था। अपोज़ीशन और समाजी कारकुनों ने उनके इस रिमार्क का सख़्त नोट लेते हुए सवाल किया कि आख़िर वो किस बुनियाद पर इस तरह का रिमार्क कर रहे हैं।

अपोज़ीशन बी जे पी ने मनमोहन सिंह पर नुक्ता चीनी करते हुए उनके रिमार्क पर वज़ाहत तलब की कि उन्होंने मुख़ालिफ़ न्यूक्लियर प्लांट एहतिजाज के लिए बैरूनी एन जी औज़ ( N.G.O) को ज़िम्मेदार ठहराया है। दार-उल-हकूमत दिल्ली में अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए बी जे पी के सीनीयर लीडर अरूण जेटली ने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह के ब्यान से मुताल्लिक़ तफ्सीलात को बरसर-ए-आम लाना चाहीए।

जब से उन्होंने अपना ब्यान दिया है हुकूमत का काम है कि वो उनके ब्यान के हक़ायक़ से मुताल्लिक़ अवाम को वाक़िफ़ किराए। अवाम को इस ब्यान के तमाम मनफ़ी और मुसबत असरात से भी आगाह करना ज़रूरी है। हुकूमत ही इस मौक़िफ़ में है कि वो अपना दिफ़ा करते हुए बता सकती है कि क्या दुरुस्त है।

वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ मुख़ालिफ़ न्यूक्लियर प्लांट कारकुनों ने भी एहतिजाज शुरू किया है। इनका कहना है कि न्यूक्लियर प्लांट के ख़िलाफ़ उनकी तहरीक अब हिंदूस्तान में फैल चुकी है और ये तहरीक जड़ पकड़ रही है। न्यूक्लियर तवानाई के ख़िलाफ़ अवामी तहरीक के कोआर्डिनेटर एस पी विजय कुमार ने कहा कि न्यूक्लियर प्लांट के ख़िलाफ़ एहतिजाज तेज़ी से फैलता जा रहा है। हुकूमत को इस बात का इल्म है कि इस तहरीक से वाबस्ता ग्रुप को किसी बैरूनी ज़रीया से फ़ंड फ़राहम नहीं किया गया है।

वज़ारत-ए-दाख़िला को भी ये बख़ूबी इलम है क्योंकि ये वज़ारत एन जी औज़ और गिरजाघरों को मिलने वाले मालीयाती रेकॉर्ड्स की ऑडिट करती है। इसके इलावा कन्या कुमारी में मुल्हिक़ तंज़ीमों को मिलने वाले फंड्स का भी जायज़ा लिया जाता है। गुज़श्ता चंद हफ़्तों से वज़ारत-ए-दाख़िला ने इन फंड्स की तहक़ीक़ की है लेकिन उसे कोई सबूत नहीं मिला।

ये हैरत की बात है कि वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने इस तरह का ब्यान क्यों दिया जबकि वो इस जानकारी से इनकार कररहे हैं कि इस मुल्क के अवाम का अपना ज़ाती ज़हन होता है। उन्हें किसी बैरूनी तरग़ीब की ज़रूरत नहीं होती। इसमें कोई सबूत नहीं है कि बैरूनी फ़ंड के ज़रीया क़ौमी सतह पर मुख़ालिफ़ न्यूक्लियर एहतिजाज को भड़काया जाये।

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