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कोड़निगल के आसमान पर स्वाइन फ़लू और डेंगू के बादल

कोड़निगल 09 अक्टूबर: कोड़निगल टाउन में इन दिनों स्वाइन फ़लू और डेंगू जैसी मोहलिक बीमारीयों के फैलने में ख़िंज़ीरों की आबादी में बे-तहाशा इज़ाफ़ा हो रहा है। कोड़निगल के गली कूचों में ये जानवर बकसरत पाए जाते हैं।

कारगिल कॉलोनी , इंदिरानगर कॉलोनी , बालाजीनगर में उनकी नस्ल के मराकिज़ माने जाते हैं। यहां पर आवारा कुत्तों और मच्छरों की भी ज़ियादा है। मच्छर रातों के अलावा दिन में भी काटने पर तुले हुए हैं। कुत्तों और ख़िंज़ीरों की मदभीड़ से सुबह के औक़ात में स्कूली तलबा-ए-ओ- तालिबात खोफ में दिखाई देते हैं। मच्छरों की कसरत तो यहां का मामूल बन गया है।

ख़िंज़ीर कचरे की कुंडियों और सड़क से मुत्तसिल बड़ी बड़ी मोरियों में लोटते पोटते रहते हैं जिससे ज़ियादा मिक़दार में कीचड़ और कचरा सड़क पर आ जाने से माहौल मज़ीद ताफ़्फ़ुन का बाइस बन जाता है।

ये जानवर झाड़ीयों गली कूचों के अलावा शाहराहों पर भी आज़ादाना गशत करते रहते हैं जिससे उनकी ग़लाज़त से पैदल चलने के दौरान काफ़ी एहतियात बरतनी पड़ती है। अगर इन जानवरों पर क़ाबू ना पाया गया तो स्वाइन फ़लू के फैलने के ज़ियादा इमकानात हैं।

रातों के औक़ात में आवारा कुत्तों के भूँकने की डरावनी आवाज़ों से भी नींदों में ख़लल पड़ रहा है। अवाम अर्बाब मजाज़ से गुज़ारिश हैके ख़िंज़ीरों और आवारा कुत्तों को मनज़्ज़म तौर पर शहर-बदर करने का इंतेज़ाम करें ताके मज़कूरा मोहलिक बीमारीयों को रोक सके

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