Wednesday , December 13 2017

क्या फांसी देते वक्त मुझे दर्द होगा : सुरेंद्र कोली

नोएडा के सनसनीखेज निठारी कांड के मुजरिम सुरेंद्र कोली ने जेल आफीसरो से पूछा है कि क्या फांसी में उसे दर्द होगा। कोली को सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पहले सुरेंद्र कोली को 10 सितंबर को फांसी दी जानी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट

नोएडा के सनसनीखेज निठारी कांड के मुजरिम सुरेंद्र कोली ने जेल आफीसरो से पूछा है कि क्या फांसी में उसे दर्द होगा। कोली को सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पहले सुरेंद्र कोली को 10 सितंबर को फांसी दी जानी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फांसी पर एक हफ्ते का स्टे लगाया है। कोली को यह मोहलत सुप्रीम कोर्ट के ही उस तारीखी फैसले पर मिली है, जिसमें कहा गया है कि फांसी की सजा पाने वाले सभी मुजरिमों को ओपन कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का बुनियादी हुकूक है।

सुरेंद्र कोली को मेरठ जेल में फांसी दी जानी है। कोली की वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि ओपन कोर्ट इस बात का फैसला करेगा कि कोली मौत की सजा का रिव्यू हो सकता है या नहीं। निठारी कांड के मुजरिम सुरेंद्र कोली को 14 साल की लड़की रिम्पा हलदर के रेप और उसके कत्ल के जुर्म में 2005 में फांसी की सजा सुनाई गई थी।

सुरेंद्र कोली ने माना था कि उसने नाबालिग लड़की रिम्पा हालदर की मौत के बाद भी उसके साथ न केवल सेक्स किया, बल्कि उसके जिस्म के कुछ हिस्सों को उसने खाया भी था। मुल्क के सबसे खौफनाक कांडों में से एक निठारी कांड के अहम मुजरिम सुरेंद्र कोली को 5 अलग-अलग मर्डर, रेप और इंसानो के गोस्त खाने के केस में मुजरिम पाया गया था, जबकि 14 मामले अभी भी पेंडिंग हैं।

निठारी कांड में 19 लड़कियों का रेप और मर्डर हुआ था। सुरेंद्र कोली निठारी में मनिंदर सिंह पंढेर के घर में काम करता था। पंढेर पर भी कत्ल का इल्ज़ाम लगा था, लेकिन 2009 में उसे बरी कर दिया गया था। जेल ओहदेदारों ने बताया कि कोली ने बुध के रोज़ को हिंदू मज़हब की मज़हबी किताब मांगे और उसकी मां ने भी उससे मुलाकात की। जेल आफीसरो ने बताया कि सुरेंद्र कोली जेल स्टाफ से अपनी फांसी की डेट के बारे में मालूमात् हासिल कर रहा था। साथ ही वह यह भी पूछ रहा था क्या फांसी देने में दर्द भी होता है।

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