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‘क्या मुस्लिम, पुलिस के मुलाज़मीन दाढ़ी रख सकते हैं?’

नई दिल्ली, 23 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पुलिस मुलाज़मीनो को दाढ़ी रखने पर मरकज़ और महाराष्ट्र हुकूमत से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मंगल के दिन दाढ़ी रखने के एक मामले में सुनवाई करते हुए दोनों हुकूमतों को नोटिस जारी कर पूछा है कि

नई दिल्ली, 23 जनवरी: सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पुलिस मुलाज़मीनो को दाढ़ी रखने पर मरकज़ और महाराष्ट्र हुकूमत से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मंगल के दिन दाढ़ी रखने के एक मामले में सुनवाई करते हुए दोनों हुकूमतों को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या मुस्लिम पुलिस मुलाज़्मीनों को दाढ़ी रखने की इज़ाज़त दी जा सकती है। दोनों हुकूमतों से 4 हफ्ते के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है।

महाराष्ट्र की राज्य आरक्षित पुलिस फोर्स में 2008 से तैनात कांस्टेबल जहीरूद्दीन शमसूद्दीन बेदादे के खिलाफ करीब 6 महीने पहले दाढ़ी नहीं हटाने की वजह से इंतेज़ामी (Disciplinary) कार्रवाई की गई थी। जहीरूद्दीन को मई 2012 में उनके सीनीयर आफीसरों ने दाढ़ी रखने की इजाजत दे दी थी, लेकिन अक्तूबर में उनसे दाढ़ी हटाने को कहा गया क्योंकि रयासती हुकूमत की सरविस में तरमीम किया गया था।

जहीरूद्दीन ने बंबई हाईकोर्ट से इस मामले में दखल देने की मांग की। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि चूंकि जहीरूद्दीन महाराष्ट्र राज्य सरकार का मुलाज़मीन है, इसलिए उस पर राज्य की सरविस मैनुअल लागू होगी ना कि मरकज़ हुकूमत की। इसके बाद जहीरूद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट की पनाह ली। सुप्रीम कोर्ट में जहीरूद्दीन के वकील ने कहा कि कुछ मामलों में मरकज़ ने इसे मज़हमी रस्म मानते हुए मुस्लिम पुलिस के मुलाज़मीन को ट्रिम की हुई दाढ़ी रखने की इजाजत दी है।

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