क्या मोबाइल के प्रयोग से भी कोरोना के संक्रमण का है खतरा?

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सोशल मीडिया और व्हाट्स एप के इस दौर में कोरोना को लेकर अफवाह तेजी से फैल रही है, जो इस महामारी के बीच फैले हुए डर, अनिश्चितता और उहापोह की स्थिति को और बढ़ा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अफवाहों से बचाव के लिए 14 बिंदुओं की एक एडवाइजरी जारी की है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि कोरोना सभी उम्र के लोगों के लिए उतना ही खतरनाक है। चाहे वह बालक हो या बुजुर्ग। करेंसी के लेन-देन और मोबाइल फोन से भी कोरोना के संक्रमण का खतरा बना रहता है।

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सोशल मीडिया पर पूछे जा रहे प्रश्न कि क्या नोट, छूने से या मोबाइल फोन से भी कोरोना वायरस फैल सकता है। डब्ल्यूएचओ ने इससे इनकार नहीं किया है।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना वायरस कई सतहों पर घंटों तक अस्तित्व में रह सकता है। अगर कोई कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति फोन, दरवाजे के हैंडल, नोट जैसी किसी सतह को छूता है तो वह सतह भी संक्रमित हो जाता है।

अत: यह जरूरी है कि आप अपने फोन को भी समय-समय पर साफ करते रहें, वहीं दरवाजे के हैंडल आदि सतहों के संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथ बार-बार साफ करते रहें। ठीक यही हाल नोटों का भी है, जो दिन भर में ही सैकड़ों हाथों में जाता है। बच्चों और बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता युवाओं से कम होती है, इसलिए उन पर इसका असर अधिक देखा जा रहा है। यही कारण है कि कोरोना से मरने वालों की संख्या में बुजुर्गों की संख्या अधिक है।

बुजुर्गों-बच्चों के अलावा अस्थमा एवं अन्य मरीजों के लिए कोरोना अधिक खतरनाक है। इसलिए उन्हें अधिक एहतियात बरतने की जरूरत होती है।

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