क्यूबा के क्रांतिकारी नेता और पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो का निधन

क्यूबा के क्रांतिकारी नेता और पूर्व राष्ट्रपति  फिदेल कास्त्रो का निधन

क्यूबा के महान क्रांतिकारी और पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। क्यूबा में मौजूदा राष्ट्रपति एवं फिदेल के भाई राउल कास्त्रो ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। बताया जा रहा है कि फिदेल कास्त्राे कि तबीयत बहुत खराब थी, कई दिनाें से उनका इलाज चल रहा था। लंबी बिमारी के कारण उनकी माैत हुई।

Fidel Castro Gesturing While Speaking at Podium on Reprisals

बता दें की,  क्यूबा में साल 1959 में हुई क्रांति के नेता फीदेल कास्त्रो इसी साल अगस्त में अपना 90 वां जन्मदिन मनाया था। स्वास्थ्य कारणों से बहुत कम दिखाई देने वाले कास्त्रो के जन्मदिन पर कार्ल मार्क्स सभागार में समारोह आयोजित किया गया था।

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फिदेल कास्त्रो एक अमीर परिवार में पैदा हुए और कानून की डिग्री प्राप्त की। जबकि हवाना विश्वविद्यालय में अध्ययन करते हुए उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की और क्यूबा की राजनीति में एक मान्यता प्राप्त व्यक्ति बन गए।

उन्होंने मोंकाडा बैरकों पर 1953 में असफल हमले का नेतृत्व किया, जिसके बाद वे गिरफ्तार हो गए, उन पर मुकदमा चला, वे जेल में रहे और बाद में रिहा कर दिए गए। इसके बाद बतिस्ता के क्यूबा पर हमले के लिए लोगों को संगठित और प्रशिक्षित करने के लिए वे मैक्सिको के लिए रवाना हुए। वे और उनके क्रांतिकारी साथियों ने दिसम्बर 1956 में मेक्सिको छोड़ दिया और पूर्वी क्यूबा के लिए चल पड़े।

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अमेरिका के बिल्कुल नजदीक क्यूबा में कम्युनिस्ट शासन चलाने वाले कास्त्रो ने खराब स्वास्थ्य के चलते सन 2008 में देश की सत्ता अपने छोटे भाई राउल कास्त्रो को सौंप दी थी। लेकिन पर्दे के पीछे वे ही असली ताकत बने हुए थे।

कास्त्रो करीब आधा शताब्दी तक अमेरिका की आंख की किरकिरी बने रहे। इस दौरान कई बार उन्हें मारने की साजिश हुईं लेकिन वह बाल-बाल बचते रहे। माना जाता है कि इन साजिशों के पीछे अमेरिकी खुफिया संस्था सीआइए थी।

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