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क्रिकेट अब शरीफों का खेल नहीं रहा: प्रसन्ना

नई दिल्ली 4 जून (पी टी आई) हिंदूस्तानी क्रिकेट टीम के साब़िक स्पेन लीजैंड एरपली प्रसन्ना ने चेन्नाई में बी सी सी आई की वर्किंग कमेटी के हंगामी इजलास को एक धोखा क़रार दिया और कहा कि क्रिकेट पर अब पैसा ग़ालिब आ चुका है और वो शरीफों का ख

नई दिल्ली 4 जून (पी टी आई) हिंदूस्तानी क्रिकेट टीम के साब़िक स्पेन लीजैंड एरपली प्रसन्ना ने चेन्नाई में बी सी सी आई की वर्किंग कमेटी के हंगामी इजलास को एक धोखा क़रार दिया और कहा कि क्रिकेट पर अब पैसा ग़ालिब आ चुका है और वो शरीफों का खेल ब़ाकी नहीं रहा।

ख़बररसां एजैंसी पी टी आई से इज़हार-ए-ख़्याल करते हुए उन्होंने कहा कि स्पॉट फिक्सिंग के मुकम्मल तनाज़े से हिंदुस्तान ने क्रिकेट की म़कबूलियत पर कोई असर नहीं पड़ा क्योंकि आई पी ईल के दौरान मैदान अवाम से खचाखच भरे हुए थे जैसा कि क्रिकेट के शाय़कीन में खेल के मुताल्ल़िक जोश-ओ-ख़रोश में कमी नहीं आई लेकिन खेल के लिए खिलाड़ियों के तर्ज़ रसाई में वो मुहज़्ज़ब बरताओ ब़ाकी नहीं रहा। उन्हों ने अपने वक़्त का हवाला देते हुए कहा कि उनके वक़्त में जब बैटस्मैन आउट होता लेकिन एम्पायर को किसी किस्म का शुबा होता तो भी बैसटमैन एम्पायर के फैसला से क़ब्ल पवेलीयन की तरफ आगे बढ़ने लगता इसी लिए तो क्रिकेट को जैंटलमैन का गेम कहा जाता था लेकिन खिलाड़ियों का खेल के मुताल्ल़िक अब ऐसा बरताव नहीं रहा।

1967 ता 1978-ए-के दौरान 49 टसट म़ुकाबलों में 189 विकटें हासिल करने वाले प्रसन्ना ने मज़ीद कहा कि आज का बैटस्मैन ये सोचता हीका एम्पायर को भारी मुआवज़ा मिलता है लिहाज़ा ये इस का फैसला है कि वो आउट दे या ना दे।

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