Wednesday , December 13 2017

क्रिकेट के लिए जुनून ने मुझे टीम में वापसी के लिए पुर्अज्म रखा : युवराज

खराब‌ फ़ार्म की वजह से टीम से बाहर रहने के बाद एक बार फिर टीम में वापसी के लिए जद्द-ओ-जहद करने वाले हिंदुस्तानी क्रिकेटर युवराज सिंह ने कहा है कि क्रिकेट के लिए उनके जुनून ने उन्हें हमेशा पुर अज्म रखा है।

खराब‌ फ़ार्म की वजह से टीम से बाहर रहने के बाद एक बार फिर टीम में वापसी के लिए जद्द-ओ-जहद करने वाले हिंदुस्तानी क्रिकेटर युवराज सिंह ने कहा है कि क्रिकेट के लिए उनके जुनून ने उन्हें हमेशा पुर अज्म रखा है।

युवराज सिंह गुजिश्ता साल कैंसर का शिकार हुए थे ताहम उन्होंने इसका कामयाब ईलाज करवाया है। वो इंटरनेशनल क्रिकेट में गुजिश्ता साल ही वापिस हुए थे। फ़ार्म में गिरावट की वजह से उन्हें जारिया साल आई पी एल के बाद से टीम से बाहर रखा गया था ताहम वो डोमेस्टिक क्रिकेट में अच्छी कारकर्दगी दिखाते हुए क़ौमी टीम में वापसी करना चाहते हैं।

उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि गुजिश्ता एक साल उन के लिए बहुत मुश्किल रहा है। उन्होंने अपने केरियर के उतार चढ़ाव‌ देखे हैं। वर्ल्ड कप से पहले वो ज़ख़मी हुए थे। उसके बाद उन्हें कैंसर टयूमर का पता चला था। टीम में वापिस भी हुए थे लेकिन फिर टीम से ड्राप कर दिया गया था।

ये तमाम चैलेंजस बहुत मुश्किल थे लेकिन क्रिकेट के खेल के लिए उनके जुनून ने उन्हीं पुर अज्म रखा और यही वजह है कि वो टीम में वापसी में कामयाब हुए थे। उन्होंने कहा कि टीम में वापसी करने और मुल्क के लिए खेलने का जुनून हमेशा ही से था। ये उन के निज़ाम में है और उससे तमाम चैलेंजस से निमटने के लिए तवानाई हासिल हुई थी।

उन्होंने कहा कि वो गुजिश्ता दो तीन साल में ख़ुद में इतना बेहतर महसूस नहींकर रहे थे जितना अब ख़ुद को बेहतर महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आफ़ सीज़न में उन्होंने बहुत मेहनत की है और सख़्त ट्रेनिंग की है और उन्हें उम्मीद है कि मैचस् में उसके अच्छे नताइज देखने को मिलेंगे। चाहे ये मैचस् डोमेस्टिक हों कि इंटरनेशनल हों। उन्होंने कहा कि वो उन पर होने वाली तन्क़ीदों को क़बूल करते हैं और इससे ख़ुद को मुतास्सिर होने नहीं देते।

उन्होंने कहा कि तन्क़ीदें होती रहती हैं। वो गुजिश्ता 13 साल से बैन-उल-अक़वामी क्रिकेट खेल रहे हैं और हर खिलाड़ी के केरियर में उतार चढ़ाव‌ आते रहते हैं। हिंदुस्तान में लोग आप को उस वक़्त तन्क़ीदों का निशाना बनाते हैं जब आप अच्छा नहीं खेल रहे होते हैं। ये सब कुछ खेल का हिस्सा है और आप को इसके लिए तैयार रहना होता है।

युवराज को अब टीम में अपनी जगह दुबारा हासिल करने के लिए अपने मुक़ाबला दरपेश है। उन्होंने कहा कि टीम में जगह हासिल करने के लिए हर एक को मुक़ाबला दरपेश होता है चाहे वो जोंभी हो या सीनियर। जैसा कि वो कह चुके हैं कि उन्हें 13 साल का तजुर्बा है इस लिए एतिमाद हैं कि उन में सलाहियतें हैं।

उन्हें यक़ीन है कि वो आइन्दा सीज़न में अच्छा मुज़ाहरा करते हुए टीम में वापसी कर सकते हैं। वो आइन्दा माह होने वाली चैलेंजर ट्रॉफ़ी के मुंतज़िर हैं कि वो कुछ मुक़ामी मैचस् में हिस्सा ले सकें और अपने मुज़ाहरा से दूसरों की तवज्जो मबज़ूल करवा सकें। अगर उन्हें दिलीप ट्रॉफ़ी में भी मौका मिलता है तो वो ऑस्ट्रेलिया की सीरीज़ के लिए ख़ुद को उभारने की कोशिश करेंगे। अगर उन्हें ऑस्ट्रेलिया की सीरीज़ के लिए मौक़ा नहीं मिलता है तो फिर वो अक्टूबर। नवंबर में राणजी ट्रॉफ़ी के मैचस् खेलेंगे।

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