क्रिकेट: दिग्गजों की करियर बर्बाद, मगर भारत में जन्मा दुसरे मुल्कों से खेले तो गर्व

क्रिकेट: दिग्गजों की करियर बर्बाद, मगर भारत में जन्मा दुसरे मुल्कों से खेले तो गर्व

वेलिंगटन। न्यूजीलैंड ने भारत में जन्में सलामी बल्लेबाज जीत रावल को जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के आगामी चार टेस्ट के दौरे के लिए आज टीम में चुना। रावल 16 सदस्यीय टीम में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है।

टीम में भारत में जन्में स्पिनर ईश सोढ़ी की भी दो साल बाद वापसी हुई है। सत्ताईस वर्षीय रावल भारत में जूनियर खिलाड़ी थे और 2004 में अपने परिवार के साथ न्यूजीलैंड बस गए थे। रावल की सलामी बल्लेबाज के स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा मार्टिन गुप्टिल और टाम लाथम से होगी।

समझने की बात यह है कि भारत में कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी की क्रिकेट करियर आपसी अनबन की वजह से बर्बाद हो गए, उस किसी को मलाल नहीं हुआ। मगर भारत का जन्मा किसी दुसरे मुल्क से खेले तो गर्व की बात है। मिसाल के तौर पर इरफान पठान का बेहतर प्रदर्शन रहने के बावजूद धोनी ने हमेशा टीम से बाहर रखा।

गौतम गंभीर, बीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह और मुनाफ पटेल की क्रिकेट करियर सिर्फ इसलिए खत्म हो गई क्योंकि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को ये खिलाड़ी पंसद नहीं। कभी इस बात का सवाल नहीं उठाया, मगर एक भारत में जन्मा खिलाड़ी किसी दूसरे मुल्कों से खेले तो गर्व से सुर्खियां बन जाते हैं।

अब्दुल हमीद अंसारी। The Siasat Daily, Hindi

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