Monday , December 11 2017

खला से हिन्दुस्तान के बड़े हिस्से का नज़ारा : सुनीता विलियम्स

नई दिल्ली, 02 अप्रेल: सुनीता विलियम्स ने अगरचे तवील तरीन ख़लाई सफ़र करनेवाली पहली ख़ातून होने का रेकॉर्ड बनालिया है, लेकिन इस हिंद नज़ाद अमरीकी ख़ला नोरिद ने अपने बचपन में ख़लाई सफ़र के बारे में कभी सोचा भी नहीं था। सुनीता विलियम्स ने न

नई दिल्ली, 02 अप्रेल: सुनीता विलियम्स ने अगरचे तवील तरीन ख़लाई सफ़र करनेवाली पहली ख़ातून होने का रेकॉर्ड बनालिया है, लेकिन इस हिंद नज़ाद अमरीकी ख़ला नोरिद ने अपने बचपन में ख़लाई सफ़र के बारे में कभी सोचा भी नहीं था। सुनीता विलियम्स ने नई दिल्ली नेशनल साइंस सेंटर में तलबा से ग़ैर रस्मी बात चीत करते हुए कहा कि में कभी सोची भी ना थी कि किसी वक़्त खला नोरिद बन जाऊंगी। अगरचे कई नाकामियां हुईं। बिलआख़िर में इस मुक़ाम पर पहूंच गई।

सुनीता सात मरहलों में मजमूई तौर पर 50 घंटों और 40 मिनट की चहलक़दमी करनेवाली दुनिया की पहली ख़ला नोरिद बन गई हैं। ख़लाई सफ़र के दौरान सुनीता ने ख़लाई झ्रुकों से हिन्दुस्तान को बहुत ग़ौर से देखा था चुनांचे वो हिन्दुस्तान पहुंच कर इस मुल्क के बारे में मज़ीद खोज करने की जुस्तजू के सबब पाँच साल बाद दुबारा यहां पहुंची हैं।

इस से पहले 2007 में उन्होंने हिन्दुस्तान का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान में ऐसे कई मुक़ामात हैं जहां में जाना चाहती हूँ। में ने जुनूबी हिंद नहीं देखा है। मुझे हिमालिया भी जाना है। 47 साला ख़ला नोरिद ने कहा कि मेरे वालिद का ताल्लुक़ अहमदाबाद से है। चुनांचे में भी हिन्दुस्तान का एक हिस्सा हूँ। रवां सफ़र में-में मशरिक़ी हिन्दुस्तान देखने के लिए बे चैन हूँ।

जहां में कभी नहीं जा सकी,लेकिन ख़ला से इस इलाक़े को देखी हूँ बल्कि हिन्दुस्तान के बहुत बड़े हिस्से का (खला से ) नज़ारा कर चुकी हूँ। सुनीता 19 सितम्बर 1965 को एव किल्ड ओहाएओ में पैदा हुईं, उन के वालिद गुजराती और वालिदा सल्लू वीणाई हैं।

TOPPOPULARRECENT