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ख़ुतबा में कोई नई बात नहीं : चंद्रा बाबू नायडू

हैदराबाद 14 फरवरी फरवरी : ( सियासत न्यूज़ ) : क़ाइदे अपोज़ीशन मिस्टर एन चंद्रा बाबू नायडू ने कहा कि गवर्नर के ख़ुतबा में कोई नई बात नहीं है । गुज़शता साल के ख़ुतबा को जारीया साल भी दुहराया गया है । ख़ुतबा में अक़ल्लीयतों की तरक़्क़ी क

हैदराबाद 14 फरवरी फरवरी : ( सियासत न्यूज़ ) : क़ाइदे अपोज़ीशन मिस्टर एन चंद्रा बाबू नायडू ने कहा कि गवर्नर के ख़ुतबा में कोई नई बात नहीं है । गुज़शता साल के ख़ुतबा को जारीया साल भी दुहराया गया है । ख़ुतबा में अक़ल्लीयतों की तरक़्क़ी का कोई तज़किरा नहीं है । हुकूमत की कारकर्दगी सिफ़र है । गरीब अवाम को राहत फ़राहम करने के बजाय उन पर टैक्सों की शक्ल में मज़ीद बोझ आइद किया जा रहा है जिस पर बतौर-ए-एहतजाज तेलगू देशम ने गवर्नर के ख़ुतबा का बाईकॉट किया है । असम्बली में प्रेस कान्फ़्रैंस सेख़िताब करते हुए मिस्टर एन चंद्रा बाबू नायडू ने कहा कि आज मीडिया में हुकूमत की बदउनवानीयाँ छाई हुई हैं ।

बदउनवानीयों का पर्दा फ़ाश करने में हर अख़बार ने ज़िम्मा दाराना रोल अदा किया है । चंचल गौड़ा जेल और नामपली कोर्ट बद उनवान अफ़राद से भरी पड़ी है । आला ओहदेदार उन पर दबाॶ होने का एतराफ़ कररहे हैं । गवर्नर के ख़ुतबा में बदउनवानीयों का कोई तज़किरा नहीं है । एसा लगता है कि हुकूमत ने गवर्नर को अंधेरे में रखा है । रियासत के बेशतर वुज़रा पर बदउनवानीयों में मुलव्विस होने के इल्ज़ामात हैं एक रियासती वज़ीर 31 शराब दुक्का नात का मालिक है ।

ज़रई शोबा ख़ुशकसाली से दो-चार है । खरीफ फ़सल तबाह होजाने के 6 माह बाद मर्कज़ी टीम ने रियासत का दौरा किया है । रियासत के 871 मंडल ख़ुशकसाली की लपेट में हैं किसानों की सूरत-ए-हाल काबिल-ए-रहम है गुज़शता 6 साल से हर बजट में 350 करोड़ रुपय मुख़तस करते हुए बाफ़िंदों के क़र्ज़ा जात माफ़ करने का ऐलान किया जा रहा है । मगर अभी तक क़र्ज़ माफ़ नहीं किए गए । एशिया-ए-ज़रुरीया की कीमतें आसमान को छू रही हैं । एक रुपया केलो चावल दिया जा रहा है । मगर दूसरी तमाम एशिया-ए-ज़रुरीया की कीमतों में बेतहाशा अज़ाफ़ा कर दिया गया है ।

मजलिस मुक़ामी के इंतिख़ाबात का इनइक़ाद कराने के लिए हुकूमत तय्यार नहीं है । रियासत के मुख़्तलिफ़ मुक़ामात पर अंबेडकर मुजस्समों को नुक़्सान पहोनचएआ गया । तेलगू देशम के बिशमोल दूसरी जमाअतें असम्बली में अंबेडकर का मुजस्समा तनसीब करने का मुतालिबा कररही हैं । गवर्नर के ख़ुतबा में अक़ल्लीयतों की तरक़्क़ी फ़लाह-ओ-बहबूद का कोई तज़किरा नहीं है । किसानों की ख़ुदकुशीयाँ , आबपाशी पराजकटस की तामीरात , वज़ीर आज़म सड़क योजना , देही ज़मानत रोज़गार स्कीम पर कोई रोशनी नहीं डाली गई । आंधरा प्रदेश में कांग्रेस के 33 अरकान पार्ल्यमंट हैं ।

मर्कज़ में भी कांग्रेस केज़ेर क़ियादत म्यू पी ए हुकूमत है ताहम कांग्रेस के अरकान पार्ल्यमंट रेलवे में रियासत से होने वाली ना इंसाफ़ियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने के लिए तय्यार नहीं है । नेशनल हाई वेज़ में मुसलसल ना इंसाफ़ी होरही है । गवर्नर के ख़ुतबा में पोलावरम और पर उन्हीता पराजकटस का कोई तज़किरा नहीं है । रोज़गार स्कीम इम्पलाइमैंट यात्रा में तब्दील होगई ।वज़ीर आज़म ने भी इस पर शकूक का इज़हार करते हुए अपने दौरे हैदराबाद को मंसू ख़करलिया । कांग्रेस हुकूमत को गरीब अवाम के मसाइल से कोई दिलचस्पी नहीं है । सिर्फ मुहासिल आइद करने पर ज़्यादा तवज्जा दे रही है । रियासत में ला एंड आर्डर मफ़लूज हो कर रह गया है ।

गवर्नर का ख़ुतबा तश्फ़ी बख़श ना होने की वजह से तेलगू देशम ने बाईकॉट किया है । हुकूमत के ग़लत फैसलों की वजह से आंधरा प्रदेश तरक़्क़ी के मुआमले में 20 साल पीछे होचुका है । रियासत में गैर यक़ीनी सूरत-ए-हाल है स्पीकर असम्बली जांबदारी का मुज़ाहरा कररहे हैं । असम्बली में अपोज़ीशन की आवाज़ को दबाया जा रहा है । हाउज़ कमेटी की तशकील में क़वाइद की ख़िलाफ़वरज़ी हुई है । तेलंगाना के मसला पर तेलगू देशम पार्टी अपने मौक़िफ़ को पेश करचुकी है । फैसला करना कांग्रेस के हाथ में है ।।

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