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ख़ुदसपुर्दगी के लिए आमद के सबूत पर लियाक़त की रिहाई का तयकुन

नई दिल्ली 3 अप्रैल ( पी टी आई )हिज़्ब उल-मुजाहिदीन के मुश्तबा अस्करीयत पसंद लियाक़त शाह जिन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया है,रिहा कर दिए जाऐंगे अगर ये साबित होजाए कि वो पाकिस्तानी मक़बूज़ा कश्मीर से ख़ुदसपुर्दगी के हक़ीक़ी इरादे स

नई दिल्ली 3 अप्रैल ( पी टी आई )हिज़्ब उल-मुजाहिदीन के मुश्तबा अस्करीयत पसंद लियाक़त शाह जिन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया है,रिहा कर दिए जाऐंगे अगर ये साबित होजाए कि वो पाकिस्तानी मक़बूज़ा कश्मीर से ख़ुदसपुर्दगी के हक़ीक़ी इरादे से हिन्दुस्तान आए थे।

मर्कज़ी होम सेक्रेटरी आर के सिंह ने कहा कि एन आई ए फ़िलहाल इस मुक़द्दमे की तहक़ीक़ात कर रहा है । वो इस बात की भी तहक़ीक़ात करेगा कि दिल्ली पुलिस और जम्मू-ओ-कश्मीर पुलिस के उनकी हिंद नेपाल सरहद के क़रीब गिरफ़्तारी के बारे में मुतज़ाद दावों में से कौनसा दरुस्त है ।

उन्होंने कहा कि लियाक़त का मुक़द्दमा एन आई ए के सपुर्द कर दिया गया है जो ये भी पता चलाएगा कि सच्चाई क्या है क्या वो (लियाक़त ) हक़ीक़त में ख़ुदसपुर्दगी के इरादे से आ रहे थे या फिर इस के पीछे कोई खेल,जो कुछ भी हो इस बात की वज़ाहत होजाएगी और अगर (लियाक़त ) दरहक़ीक़त ख़ुदसपुर्दगी के इरादे से आरहे थे तो हम उऩ्हें मुम्किना हद तक जल्द अज़ जल्द रिहा करने की कोशिश करेंगे ।

एन आई ए इन हालात की तहक़ीक़ात करेगा जिन के नतीजे में हिंद। नेपाल सरहद के क़रीब लियाक़त शाह की गिरफ़्तार दिल्ली पुलिस के हाथों अमल में आई थी । दिल्ली पुलिस ने इद्दिआ किया था कि इस तरह इस ने क़ौमी दार-उल-हकूमत में एक फ़िदाईन (ख़ुदकुश) हमले का इंसिदाद किया है ।

जम्मू-कश्मीर के चीफ़ मिनिस्टर उमर अबदुल्लाह ने कहा था कि लियाक़त शाह पाकिस्तानी मक़बूज़ा कश्मीर से अस्करीयत पसंदों की बाज़ आबाद कारी की पालिसी के तहत इस के एक हिस्से के तौर पर ख़ुदसपुर्दगी के लिए हिन्दुस्तान आरहे थे। उन्होंने इस वाक़िये की एन आई ए की जानिब से तहक़ीक़ात का मुतालिबा किया था ।

इस वाक़िये के बाद मर्कज़ी मोतमिद दाख़िला आर के सिंह ने इस बारे में कोई बयान देने से गुरेज़ किया कि क्या वज़ारत-ए-दाख़िला नियम फ़ौजी फ़ोरसेज़ के अरकान अमले को जो फ़राइज़ की अंजाम दही के दौरान हलाक कर दिए गए शहीद का मर्तबा दिया जाएगा। जो फ़ौजी मुल्क के तहफ़्फ़ुज़ केलिए फ़राइज़ अंजाम देते हुए हलाक होगए हो वो शहीद हैं ।

आर के सिंह ने अपने मुख़्तसर से जवाब में कहा कि हम उन्हें शहीद के नाम से मुख़ातब करते हैं । उन्होंने ये भी कहा कि फ़ौज और सयान्ती इंतिज़ामीया ने बेहतर हिक्मत-ए-अमली इख़तियार करने के सबक़ सीख लिए हैं । 2010 के 76 सयान्ती अरकान अमले की छत्तीसगढ़ के इलाक़े दंतेवाड़ा में हलाकत के बाद उन्हें ये सबक़ मिल चुका है ।

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