खाप पंचायतों को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी चेतावनी, कहा- ‘शादी रोकने का नहीं है हक़’

खाप पंचायतों को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी चेतावनी, कहा- ‘शादी रोकने का नहीं है हक़’
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खाप पंचायतों द्वारा ऑनर किलिंग पर सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने खाप पंचायतों जैसी अवैध सभाओं की ओर से दो वयस्कों के बीच आपसी सहमति से शादी करने में दखल देने को ‘‘पूरी तरह से गैरकानूनी’’ करार दिया है और ऐसी दखलंदाजी रोकने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।

देश के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए.एम. खान विल्कर एवं न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि संसद द्वारा उचित कानून ना बनाए जाने तक ये दिशा निर्देश लागू रहेंगे।

शीर्ष न्यायालय ने एनजीओ शक्ति वाहिनी की याचिका पर यह आदेश दिया। एनजीओ ने प्रेमी जोड़ों की ऑनर किलिंग से रक्षा करने की मांग करते हुए वर्ष 2011 में कोर्ट का रुख किया था।

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