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खालिदा! फ़र्ज़ी सालगिरा मत मनाओ – शेख़ हसीना

बंगलादेश की दो हरीफ़ क़ाइदीन के दरमयान सयासी कशीदगी में कमी के लिए होने वाली शाज़ो नादिर टेलीफ़ोनी गुफ़्तगु शख़्सी नोईयत की हो गई, जैसा कि वज़ीरे आज़म शेख़ हसीना ने अपोज़ीशन लीडर खालिदा ज़िया को अपनी फ़र्ज़ी सालगिरा का जश्न मौक़ूफ़ कर देने

बंगलादेश की दो हरीफ़ क़ाइदीन के दरमयान सयासी कशीदगी में कमी के लिए होने वाली शाज़ो नादिर टेलीफ़ोनी गुफ़्तगु शख़्सी नोईयत की हो गई, जैसा कि वज़ीरे आज़म शेख़ हसीना ने अपोज़ीशन लीडर खालिदा ज़िया को अपनी फ़र्ज़ी सालगिरा का जश्न मौक़ूफ़ कर देने का मश्वरा दिया है।

मीडिया के मुताबिक़ मुतहरिब बेगमात के दरमयान शंबा को 40 मिनट की टेलीफ़ोनी बात-चीत ज़्यादा तर तल्ख़ मसाइल पर नाख़ुशगवार तकरार से पर रही, जिन में 21 अगस्त 2004 का हसीना पर नाकाम ग्रेनेड हमला शामिल है जिस की साज़िश मुबैयना तौर पर माज़ी की खालिदा हुकूमत के कई बड़े लोगों ने रचाई थी।

हसीना ने कहा कि आप क्यों 15 अगस्त 1975 को मक़्तूल शेख़ मुजीब उर्रहमान की बर्सी पर फ़र्ज़ी सालगिरा मनाती हो।

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