Thursday , December 14 2017

खालि करने से पहले अहम काम अफ़्ग़ानों के हवाले : नाटो

शिकागो, लोगों कि हिमायत ना मिलने और पैसे की कमी की वजह से युरोपी ममालिक अफ़्ग़ान जंग से निकलना चाहते हैं इस केलिए नाटो ममालिक के लीडरों ने फ़ैसला किया है कि वो अब जंगी कार्यवाहीयां 2013 के दरमयान‌ तक खत्म करदेंगे और ये काम अफ़्ग़ान फौज‌ को

शिकागो, लोगों कि हिमायत ना मिलने और पैसे की कमी की वजह से युरोपी ममालिक अफ़्ग़ान जंग से निकलना चाहते हैं इस केलिए नाटो ममालिक के लीडरों ने फ़ैसला किया है कि वो अब जंगी कार्यवाहीयां 2013 के दरमयान‌ तक खत्म करदेंगे और ये काम अफ़्ग़ान फौज‌ को सौंप दिया जाएगा।

आज शिकागो में होने वाले नाटो लिडर‌ कान्फ्रंस में अफ़्ग़ानिस्तान से फ़ौज की आहिस्ता आहिस्ता वापसी के प्रोग्राम को बाक़ायदा मंज़ूरी दी जाएगी । इस का मक़सद नाटो को एक‌ रखना है क्योंकि फ़्रांस जैसे कुछ देश‌ अपनी फ़ौज पहले ही वापिस बुलाना चाहते हैं। हकिकत में अफ़्ग़ानिस्तान में दस साल जंग करने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है और तालिबान अब भी मज़बूत है और दूसरी तरफ़ जंग का ख़र्च युरोपी मुल्कों पर बोझ बनता जा रहा है इस लिए वो अब अफ़्ग़ानिस्तान से निकलना चाहते हैं।

सदर बराक ओबामा और नाटो के शरीक अपने जंग से परेशान वोटरों को ये दिखाना चाहते हैं कि एक दहाई से चली आरही ये जंग अब ख़त्म‌ हो रही है। दूसरी तरफ़ वो अफ़्ग़ानों को ये यक़ीन दिलाना चाहते हैं कि उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

नाटो के सेक्रेटरी जनरल एंडर्स फोग रासमोसन ने कहा कि हम जलदबाज़ी में अफ़्ग़ानिस्तान नहीं छोड़ेंगे। वो ये ज़ाहिर करना चाहते हैं कि नाटो में एकता है हालाँकि फ़्रांस के नए सदर फ़रीनकोइस हालेंड‌ इस साल के आख़िर तक अपनी फ़ौज वापिस बुलाने के अपने वाय‌दे पर क़ायम हैं जबकि नाटो मुल्क दो साल बाद वहां से निकलेंगे।

मिस्टर रासमोसन ने कहा कि नाटो का मंसूबा है कि वो अगले साल के दरमयान‌ तक मुल़्क की सेक्युरिटी की ज़िम्मेदारी अफ़्ग़ान फ़ौजों के हवाले करदेंगी ।

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