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खुलासा: पवित्र शहर मक्का पर हमला ख़ामेनई के हुक्म पर हुआ था

ईरानी राष्ट्रिय प्रतिरोध कमिटी की अध्यक्षा श्रीमती मरयम रिज़वी ने कहा है की वह रॉकेट जिसे सऊदी अरब की अगुवाई में अरब गठबंधन की फौजों नें पिछले बहृस्पतिवार की रात को मक्का से ६५ किलोमीटर दूर मार गिराने का दावा किया है दर असल उसे ईरानी रूहानी पेशवा अली ख़ामेनई के हुक्म से छोड़ा गया था.
‏ईरानी राष्ट्रीय प्रतिरोध कमिटी की सेक्टरेटट से जारी बयान में कहा गया है कि ” श्रीमती मरयम रिज़वी ईरानी मुज़ाहमत कि ओर से चुनी हूइ लोकतान्त्रिक अध्यक्षा ने खामनाई के आदेश पे औऱ यमन क़ी धरती से कुदुस फोर्स विद्रोहियों क़ी सरपरस्ती में मक्का मूकर्रमा को रैकिट से निशाना बनाये जाने पर अपना कड़ा विरोध जताया है तथा इसे तमाम मुसलमानों के ऊपर हमला और जंग मानते हूऐ इस्लामिक कांफ्रेंस एवं तमाम इस्लामी मुल्कों से अपील क़ी है के इस मानवता विरुद्ध तथा गैर इस्लामिक हुकूमत को उखाड़ फेंके और अपना सम्बन्ध विच्छेद कर लें.

‏श्रीमती रिज़वी ने आगे कहा ” इस ईरानी विलायत फ़क़ीह सर्कार ने बीते दिनों में कभी भी हिचकिचाहट महसूस नहीं की किसी भी जुर्म को अंजाम देने में या फिर मक्काह मुकर्रमा एवं बैतूल ला हिल हराम की पाकीज़गी से छेड़ छाड़ करने में, चाहे १९८६ में मक्का मुकर्रमह में विस्फोटक पदार्थ भेजने का मामला हो या फिर १९८७ में फितना व फसाद फैल कर ४०० हाजियों के जान लेने की बात हो.

‏यह वो निज़ाम है जिसने शिया इमामों की क़ब्रों पे भी बलास्ट करने में कोई झिझक महसूस न की चाहे वो ईरान का मशहद शहर हो या इराक का साम्रा. और यह सब कुछ अपनी नापाक हुकूमत को बचने के लिए किया गया.
‏श्रीमती मरयम रिज़वी ने ज़ोर देकर कहा की ” इस निज़ाम को जो मक्काह की हुरमत का भी पास न हो ज़रूरी है क़ि उखाड़ फेंका जाये और इस्लामिक कॉन्फ्रेंस और इस्लामी देश उस से अपना रिश्ता तोड़ लें.

श्रीमती मरयम ने कई ट्वीट करके कहा क़ि एक ही इलाज बचा है और वह यह क़ि इस घटिया निज़ाम को बहार का रास्ता दिखाया जाये एवं नेशनल गार्ड्स और कुदुस फौजों और इस निज़ाम के एजेंटों का इस खित्ते से सफाया हो”.

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