Sunday , August 19 2018

खूंटी में और बढ़ा नक्सलियों का दहशत

दारुल हुकूमत से सटे खूंटी में पीएलएफआइ के नक्सलियों का दहशत बढ़ गया है। जिला बनने के बाद छह साल में 509 लोग मारे जा चुके हैं। यहां के लोगों की जिंदगी अकसरियत पसंदों और नक्सलियों के रहमो-करम पर है। औसतन हर साल 84 लोगों की कत्ल की गयी। हा

दारुल हुकूमत से सटे खूंटी में पीएलएफआइ के नक्सलियों का दहशत बढ़ गया है। जिला बनने के बाद छह साल में 509 लोग मारे जा चुके हैं। यहां के लोगों की जिंदगी अकसरियत पसंदों और नक्सलियों के रहमो-करम पर है। औसतन हर साल 84 लोगों की कत्ल की गयी। हाल यह है कि शहरी इलाक़े भी शाम सात बजते-बजते सुनसान हो जाता है।

देही इलाकों में तो दिन में भी जाने से लोग डरते हैं। देही इलाकों के साथ ही शहरी इलाक़े से भी काबिल लोग दूसरे जिलों में नक़ल मकानी कर रहे हैं। हालत यहां तक बिगड़ गयी है कि पीएलएफआइ के एक फरमान पर आठ दिनों तक यहां के करीब 1000 स्कूल बंद रहे।

शाम सात बजे के बाद शहर में सन्नाटा : खूंटी में देही इलाके से लेकर जिला हेड क्वार्टर तक में शाम सात बजे के बाद दुकानें बंद हो जाती हैं। शहर के छोटे-बड़े होटल समेत ब्रेड, बिस्किट, चाय-पान की दुकानें भी बंद हो जाती हैं। लोग अपने घरों में कैद हो जाते हैं।

रात आठ बजे के बाद तो शहर में कोई किसी को रास्ता बताने से भी डरता है। लोग अगल-बगल से गुजरनेवाले लोगों से डरते हैं। पता नहीं कब कौन किस बात पर गोली मार दे। गांव के लोग भी रात में डर से घर से बाहर निकलने से परहेज करते हैं।

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