Wednesday , July 18 2018

ख्वातीन के इलेक्शन लडने पर बैन

Muslim women at an Islamic Rally in London, 13th August 1995. (Photo by Steve Eason/Hulton Archive/Getty Images)

कोल्हापुर: मौलवियों ने फरमान जारी कर ख़्वातीन के इलेक्शन लडने पर बैन लगा दिया है। मौलवियों के मुताबिक ख्वातीन का इलेक्शन लडना इस्लाम के खिलाफ है। कोल्हापुर की मजलिस-ए-शूरा-उलामा-ए-शहर कमेटी में 4050 मुकामी मौलवी हैं जो शहर की मस्जिदों के जेमेदारान हैं, जिन्होंने कोल्हापुर नगर निगम के इलेक्शन में हिस्सा ले रहीं ख्वातीन पर रोक लगा दी है। हालांकि जुमे के रोज़ हिलाल कमेटी ने इस हुक्म की मुज़म्मत की और कहा कि यह हुक्म हिंदुस्तान के आईन के खिलाफ है।

23 सितंबर को जारी हुक्म में लिखा गया कि शरिया और दो दूसरे कानून इस्लाम में पाक हैं और ख्वातीन को इलेक्शन में हिस्सा लेने से बचना चाहिए। जब सियासी पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान करना शुरू कर दिया, तब बिना किसी दस्तखत वाला यह हुक्मनामा फिर्के के ताकतवर लीडरों के बीच बांटा गया। अभी तक 20 मुस्लिम ख़्वातीन इस इलेक्शन में हिस्सा ले रही हैं।

एनसीपी नेता फराज ने कहा, यह एक मज़हका खेज़ और काबिल मुज़म्मत बयान है। मुझे हैरानी होती है कि जब ख़्वातीन इलेक्शन लडने की तैयारी कर रही थीं, तब यह लोग कहां थे। जो आईन मुखालिफ बात कर रहे हैं, हम उनका साथ नहीं देंगे। उन्हें मालूम होना चाहिए कि महाराष्ट्र में मुस्लिम फिर्के की 200 से ज्यादा खातून काउंसलर (Councillor) हैं।

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