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गंदमगुड़ा में मस्जिद की निर्माण के लिए सरकार ने दी अनुमति

हैदराबाद 11 जनवरी: हैदराबाद को मुस्लिम अबादी वाला क्षेत्र है। सांप्रदायिक ताकतों की नज़र में यह मस्जिदों और मीनारों का शहर है, लेकिन आप यह जानकर आश्चर्य होंगे कि कई ऐसे इलाक़े हैं जहां मुस्लिम आबादी के बावजूद मस्जिदें नहीं है। वहां के मुसलमानों को पांच वक़्त की नमाज़ और शुक्रवार की नमाज़ के लिए अपनी बस्तियों से ढाई ता तीन किलोमीटर दूरी पर जाना पड़ता है। ऐसा ही एक क्षेत्र पीरान चेरो गंडिपेट मंडल गंदमगुड़ा है जहां की आबादी 5000 ता 6000 है, जिनमें एक हजार से अधिक मुसलमान हैं (गंदमगुड़ा में मुसलमानों के अधिक से 400 मकान हैं), गंदमगुड़ा मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन वहां मस्जिद की निर्माण के लिए तीन चार वर्षों से संघर्ष किया है। स्थानीय सरपंच मालती नागराज ने भी स्थानीय मुसलमानों को मस्जिद की निर्माण का समर्थन किया लेकिन इस मामले में वक्फ बोर्ड से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा था।

एडीटर सियासत ज़ाहिद अली खान की हिदायत पर दक्कन वक़्फ़ प्रोटेक्शन सोसाइटी के सदर उसमान बिन मुहम्मद अलहाजरी ने अपने साथीयों के साथ उमर‌ जलील से नुमाइंदगी की और उन्हें बताया कि गंदमगुड़ा के पास मस्जिद न होने के कारण स्थानीय मुसलमानों को नमाज़ों की अदायगी के लिए बहुत दूर जाना पड़ रहा है।

इस मसले पर सी पी आई के अज़ीज़ पाशाह ने भी अधिकारियों को बार बार ध्यान दिलाया। चीफ एग्जीक्यूटिव अधिकारी तेलंगाना राज्य बोर्ड ने मस्जिद के निर्माण के लिए प्रोसीडिंग जारी की जिसमें सर्वे नंबर 81 गंदमगुड़ा की 400 मरबा गज़ ज़मीन‌ पर मस्जिद निर्माण किए जाने के मुक़ाम की निशानदेही करते हुए बोर्ड से ज़मीन‌ पर तामीर मस्जिद की इजाज़त हासिल‌ की थी । इजाज़त के हुसूल के साथ गंदमगुड़ा मुस्लिम वेलफेयर एसोसीएशन के एक सदस्य ने उसमान अलहाजरी की क़ियादत में ज़ाहिद अली ख़ां और अज़ीज़ पाशाह एमपी से मुलाक़ात कर के धन्यवाद किया।

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