Tuesday , December 12 2017

गंभीर बीमारी से पीड़ित 47 दिन के अहद को ज़कात फाउंडेशन ने किया अडॉप्ट

सांकेतिक तस्वीर

फ़रहाना रियाज़ , नई दिल्ली 

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली (एम्स) में भर्ती 47 दिन का अहद ज़िन्दगी के लिए संघर्ष कर रहा है | अहद मेपल सिरप यूरिन डिसीज़, जिसमें शिशु, माँ और एनिमल मिल्क को डाइजेस्ट नहीं कर पाता है, से पीड़ित है | अहद को इलाज के लिए एम्स  में भर्ती कराया गया है | अस्पताल द्वारा अहद को ‘अडॉप्ट पेशेंट प्रोग्राम’ के तहत रखे जाने के बाद अहद को नई दिल्ली की मुस्लिम एनजीओ ज़कात फाउंडेशन ने उसे अडॉप्ट किया है|

एम्स में बाल रोग के प्रोफेसर डॉ रमेश अग्रवाल के मुताबिक़ इस तरह की बीमारी से पीड़ित बच्चे जन्म के वक़्त नार्मल होते हैं | लेकिन जब उन्हें माँ का दूध दिया जाता है वो उसको पचा नहीं पाते हैं | डॉ रमेश के मुताबिक़ अहद को जन्म के सात दिन बाद बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था | जाँच के दौरान उसकी इस बीमारी के बारे में मालूम हुआ, अब अहद काफी बेहतर है |

एम्स में प्रोफेसर और बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ वी के पॉल के मुताबिक़  अहद को जिंदा रखने के लिए एक स्पेशल मिल्क की ज़रुरत है | ये दूध 10,000 रुपये प्रति महीने की लागत से तैयार होता है | डॉ के मुताबिक़ जब तक बच्चा सॉलिड डाईट नहीं डाइजेस्ट कर सकता है तब तक उसे इस स्पेशल मिल्क की ज़रुरत होती है |अहद के माँ बाप बहुत ग़रीब हैं वो उसके इलाज का खर्च नहीं उठा सकते हैं| अहद की माँ इमराना काफी बीमार हैं उनका खुद इलाज चल रहा है और उसके पिता ड्राइवर हैं | उनका परिवार दक्षिणी दिल्ली के कालू सराय में एक छोटे से घर में रहता है | उन्होंने बताया कि परिवार का खर्च बहुत मुश्किल से चलता है इसके बावुजूद उन्होंने अपनी सारी बचत उसके इलाज पर खर्च की है| लेकिन अब वह उसका इलाज का खर्च नहीं उठा सकते हैं | इसलिए अस्पताल ने अहद को ‘अडॉप्ट पेशेंट प्रोग्राम’ के तहत रखा है |

एम्स में आईटी डिवीजन के प्रमुख डॉ दीपक अग्रवाल के मुताबिक़ गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज़ों की मदद के लिए उन्हें ‘अडॉप्ट पेशेंट प्रोग्राम’ के तहत रखा जाता है | इस प्रोग्राम के तहत मरीज़ की मदद के करने के लिए एक चेक / बैंक ड्राफ्ट मरीज़ के नाम पर  मेडिकल सुपरिटेंडेंट के ऑफिस को भेजा जाता है|अहद से पहले भी कई मरीजों को इस प्रोग्राम के तहत रखा गया है | इस प्रोग्राम की शुरुआत के बाद पिछले छह महीनों में कम से कम 25 मरीज़ों के लिए जनता से मदद मांगी गयी है | जिसमें कम से कम 15 मरीज़ों के लिए लगभग 10 लाख रुपये की मदद मिली है |

नई दिल्ली की मुस्लिम एनजीओ ज़कात फाउंडेशन द्वारा अडॉप्ट किये जाने के बारे में जब ज़कात फाउंडेशन के फाउंडर डॉक्टर जफर महमूद से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि अहद के लिए अभी फ़िलहाल 25000 का चेक इश्यू किया गया है | उन्होंने कहा कि डॉ के मुताबिक़ अहद को सेहतयाब होने में 3-4 साल लगेंगे और ज़कात फाउंडेशन की तरफ़ से तब तक उसकी पूरी मदद की जाएगी | डॉक्टर जफर महमूद ने बताया कि ज़कात फाउंडेशन अब तक गंभीर रूप से बीमार सैंकड़ों लोगों की मदद कर चुका है|

गौरतलब है कि ज़कात फाउन्डेशन एक मुस्लिम एनजीओ है जो  ग़रीब ज़रूरतमंद लोगों को बीमारी में, पढाई में मदद करती है |  इसके अलावा इसे अनाथालय चलाने के साथ साथ प्राकृतिक आपदा में फंसे लोगों की मदद के लिए भी जाना जाता है |

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