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गया में वजीरे आला के घर पर जुटे हिमायती, कहा- इस्तीफा ना दें

बदलते सियासी वाकियात में गया में भी सरगर्मी बढ़ गई है। वजीरे आला जीतन राम मांझी के ‘खास’ माने जाने वाले लोग देर शाम उनके गया वाकेय रिहाइशगाह पर जुटे। वजीरे आला के बड़े बेटे संतोष कुमार सुमन के साथ उन्होंने बातचीत की। वजीरे आला, सं

बदलते सियासी वाकियात में गया में भी सरगर्मी बढ़ गई है। वजीरे आला जीतन राम मांझी के ‘खास’ माने जाने वाले लोग देर शाम उनके गया वाकेय रिहाइशगाह पर जुटे। वजीरे आला के बड़े बेटे संतोष कुमार सुमन के साथ उन्होंने बातचीत की। वजीरे आला, संतोष को ही अपनी सियासी विरासत सौंपना चाहते हैं।

बातचीत में सीनियर समाजी खिदमतगुज़ार डॉ. टीएच खान, रियासती वक्फ बोर्ड के इंतेजामिया शारिम अली, असद परवेज और गया महानगर जदयू के सदर राजू वर्णवाल वगैरह शामिल हुए। बताया जाता है कि ये लोग मुसलसल वजीरे आला के राब्ते में हैं और उनपर दबाव बनाया जा रहा है कि किसी भी हाल में वे इस्तीफा ना दें। वजीरे आला जीतन राम मांझी का मगध में ‘कोर ग्रुप’ कहे जाने वाली यह टीम देर रात को पटना के लिए रवाना भी हो गई।

डॉ. टीएच खान ने कहा कि वजीरे आला ने कम मुद्दत में सूबे के महादलितों और अक्लियतों का यकीन जीता है। इस तरह की खबरों से इन तबकों में मायूसी और हताशा होती है। उन्हें किसी भी हाल में इस्तीफा नहीं देना चाहिए। वहीं, शारिम अली ने कहा कि वजीरे आला ने अपनी पॉलिसी और अपनी कूवत के बूते बिहार का नाम मुल्क और दुनिया में रोशन किया है।

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