Tuesday , December 19 2017

गवर्नर के ख़ुसूसी इख़्तियारात की दरख़ास्त मुस्तर्द

हैदराबाद 30 जून: हैदराबाद हाइकोर्ट ने मफ़ाद-ए-आम्मा की एक दरख़ास्त को मुस्तर्द कर दिया जिस में ये अपील की गई थी कि आंध्र प्रदेश तंज़ीम जदीद क़ानून की दफ़ा के तहत गवर्नर को ख़ुसूसी इख़्तियारात इस्तेमाल करने की हिदायत की जाये।

हैदराबाद 30 जून: हैदराबाद हाइकोर्ट ने मफ़ाद-ए-आम्मा की एक दरख़ास्त को मुस्तर्द कर दिया जिस में ये अपील की गई थी कि आंध्र प्रदेश तंज़ीम जदीद क़ानून की दफ़ा के तहत गवर्नर को ख़ुसूसी इख़्तियारात इस्तेमाल करने की हिदायत की जाये।

तेलंगाना में मुक़ीम आंध्रई शहरीयों की तंज़ीम के सरबराह रग्घूवीर ए रेड्डी ने ये दरख़ास्त पेश की थी। जिस की समाअत के दौरान डीवीझ़न बेंच ने हाइकोर्ट रजिस्ट्री की तरफ़ से उठाए गए एतेराज़ को मुस्तर्द करने से इनकार कर दिया।

रजिस्ट्री की फ़हरिस्त में दरख़ास्त को इस लिए शामिल नहीं किया जा सकता क्युंकि फ़रीक़ की हैसियत से शमूलीयत के सवाल पर गवर्नर को दस्तूरी इस्तिस्ना हासिल है।

दफ़ा 8 दोनों रियासतों के चीफ़ मिनिस्टर्स के चन्द्र शेखर राव‌ और एन चंद्रबाबू नायडू के दरमयान इख़तिलाफ़ात का सबब बन चुकी है।

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