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ग़िज़ा से महरूमी को मज़ीद जारी रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी

नई दिल्ली । एक फेबररी (पी टी आई) सदर जमहूरीया प्रण‌ब मुकर्जी ने आज कहा कि हिंदूस्तान में ग़िज़ा से महरूमी की लानत को मज़ीद अरसे तक जारी रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी और उन्होंने इस उमीद का इज़हार किया कि मुजव्वज़ा ग़िज़ाई ज़मानत बिल को बहुत जल्द मंज़ूर करलिया जाएगा।

मिस्टर मुकर्जी ने ज़रई शोबा में होने वाले इन्हितात पर गहिरी तशवीश का इज़हार किया लेकिन ये तवक़्क़ो भी ज़ाहिर की कि ज़रई शोबा दुबारा बहुत जल्द तरक़्क़ी की आला सतह पर दुबारा वापिस आजाएगा। सदर जमहूरीया हिंद ने ग़िज़ा की बढ़ती हुई तलब को पूरा करने के लिए अनाज‌ की पैदावार को दोगुना करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और दूसरा सबज़ इन्क़िलाब लाने की पुरज़ोर हिमायत की और कहा कि ये सबज़ इन्क़िलाब वसीअ तर पैमाने पर लाया जाना चाहीए।

मिस्टर प्रण‌ब मुकर्जी ने जो यहां सनअती इदारा क्राप केर फ़ैडरेशन औफ़ इंडिया के ज़ेर-ए-एहतिमाम बारहवीं मंसूबा में ग़िज़ाई अजनास की पैदावार में दोगुना इज़ाफे के ज़ेर-ए-उनवान एक कान्फ़्रैंस से ख़िताब कररहे थे। उन्होंने मज़ीद कहा कि ग़िज़ा से महरूमी को मज़ीद जारी रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। ग़रीबों और ज़रूरतमंदों के लिए ग़िज़ा की ज़मानत को यक़ीनी बनाने के इक़दामात दरकार हैं ताकि उन्हें ग़िज़ा से वसीअ तर रसाई हासिल होसके।

सदर जमहूरीया ने कहा कि हम हुक़ूक़ पर मबनी तरीक़ा पर इन्हिसार करते हैं और अपने शहरीयों को क़ानूनी हुक़ूक़ से इस्तिफ़ादा करने के लिए बाइख़तियार बनाते हैं। इस तरह महात्मा गांधी क़ौमी देही ज़मानत रोज़गार क़ानून 2005 के ज़िमन में एक बेहतरीन मिसाल है। मुझे उमीद है कि ग़िज़ाई ज़मानत की फ़राहमी के लिए भी मुजव्वज़ा क़ानूनसाज़ी बहुत जल्द एक हक़ीक़त में तबदील होजाएगी।

यू पी ए हुकूमत ने पुराज़म ग़िज़ाई बिल दिसम्बर 2011 के दौरान पार्लीमैंट में पेश किया था जिस का मक़सद मुल्क की 67 फ़ीसद आबादी को सब्सीडी पर ग़िज़ाई अनाज‌ की फ़राहमी के लिए क़ानूनी हक़ देना था। एक पारलीमानी कमेटी ने इस में बड़े पैमाने पर तबदीलीयों की सिफ़ारिश की थी और पालिसी की तदवीन या तर्तीब के लिए वज़ारत अग़्ज़िया ने भी एसी ही तजवीज़ पेश की थी।

प्रण‌ब मुकर्जी ने कहा कि ज़रई शोबा आला पालिसी साज़ी में अव्वलीन तर्जीह का मुस्तहिक़ है और आइन्दा पाँच साल के दौरान ग़िज़ाई अनाज‌ की पैदावार को दोगुना करना एक इमतिहान साबित होगा। उन्होंने कहा कि ग़िज़ाई अनाज‌ की पैदावार में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा का हदफ़ हासिल करने की सूरत में मुल्क को कई फ़वाइद हासिल होंगे।

ग़िज़ाई अजनास की पैदावार की मौजूदा सतहों के पस-ए-मंज़र में आइन्दा पाँच साल के दौरान इस पैदावार को दोगुना करना निहायत ज़रूरी होगया है और कामयाबी के साथ इस निशाना का हुसूल हमारे लिए एक कठिन इमतिहान साबित होगा।

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