ग़ुर्बत के बाइस सगे मामूं से शादी

ग़ुर्बत के बाइस सगे मामूं से शादी
हैदराबाद 28 मार्च : मुस्लिम मुआशरा में जहेज़ घोड़े जोड़े और दीगर लानतों के नतीजा में मुतवस्सित और गरीब ख़ानदान सब से ज़्यादा मुतास्सिर हो रहे हैं । इन बेजा रसूमात ने एक तरह से हमारे समाज को खोखला कर के रख दिया है । जिस घर में जवान लड़

हैदराबाद 28 मार्च : मुस्लिम मुआशरा में जहेज़ घोड़े जोड़े और दीगर लानतों के नतीजा में मुतवस्सित और गरीब ख़ानदान सब से ज़्यादा मुतास्सिर हो रहे हैं । इन बेजा रसूमात ने एक तरह से हमारे समाज को खोखला कर के रख दिया है । जिस घर में जवान लड़कियां हैं वहां माँ बाप उन की शादियों के बारे में सोच कर चैन से सो भी नहीं सकते बल्कि जागते हुए सारी रात गुज़ार देते हैं ।

दो साल क़ब्ल हम ने एक ऐसे इबरत अंगेज़ वाक़िया को मंज़रे आम पर लाया था जिस पर हमारे मुआशरा ने बहुत अफ़सोस का इज़हार किया था लेकिन अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि चंद ही दिनों में इस वाक़िया को फ़रामोश कर दिया गया ।

दरअसल बदवेल में रहने वाली एक बेवा मुस्लिम ख़ातून ने पोलियो से मुतास्सिरा अपनी बेटी की शादी सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने सगे भाई यानी लड़की के मामूं से इस लिए कर दी थी क्यों कि इस के पास अपनी माज़ूर लड़की की शादी में देने के लिए घोड़े जोड़े की रक़म और जहेज़ नहीं था ।

इस शादी में कोई मुसलमान मेहमान शरीक नहीं था बल्कि गैर मुस्लिम पड़ोसियों ने इस शादी में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया । क्या ये वाक़िया हमारे लिए लम्हा फ़िक्र नहीं है खासतौर पर पुर तअयुश शादियां करने वालों को इस इबरतनाक वाक़िया से सबक़ लेना चाहीए।

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